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सोनीपत। हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने सोनीपत के राई में स्थित हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर प्रथम महिला मित्रा घोष, विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार, विधायक कृष्णा गहलावत, डीसी सुशील सारवान, पांचजन्य समाचार पत्र के संपादक हितेश शंकर, रजिस्ट्रार जसविन्दर सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने समारोह में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि खेलों में उत्कृष्टता अब केवल शारीरिक क्षमता का परिणाम नहीं है, बल्कि विज्ञान आधारित प्रशिक्षण, मानसिक मजबूती, पोषण विज्ञान, मनोविज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने प्रशिक्षण के इसी समग्र मॉडल को अपनाकर विद्यार्थियों के लिए एक सुदृढ़ खेल-पारिस्थितिकी तैयार की है।
उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में 61 पदक, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल हैं, प्राप्त करने पर छात्रों और प्रशिक्षकों को बधाई दी। राज्यपाल ने इन उपलब्धियों को विश्वविद्यालय की उच्च गुणवत्ता, अनुशासन और छात्रों की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण बताया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा खेल विश्वविद्यालय देश के अग्रणी खेल शिक्षा संस्थानों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही यह देश का तीसरा सबसे बड़ा खेल विश्वविद्यालय बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों के लिए व्यापक और सुदृढ़ पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने ‘मिशन ओलंपिक 2036’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य जहाँ कुल 7 से बढ़ाकर 70 पदक हासिल करने का है, वहीं हरियाणा भी अपनी ओर से 4 पदकों से बढ़ाकर 36 पदक दिलाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा खेल विश्वविद्यालय इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समारोह में कुल 205 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई, जिनमें M.P.Ed. & Sports के 8 तथा Post Graduate Diploma के 197 विद्यार्थी शामिल रहे। राज्यपाल ने सभी स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है। अपने संदेश में प्रो. घोष ने छात्रों से कहा कि जीवन की अगली यात्रा में विनम्रता, अनुशासन, समावेशिता और निरंतर प्रयास उनके सबसे बड़े साथी होने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र के समावेशी विकास में सार्थक योगदान देने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आज डिग्री लेने वाले 205 विद्यार्थियों में से 130 विभिन्न संस्थाओं में नौकरी कर रहे हैं व अन्यों ने अकादमी स्थापित कर अपना स्वरोजगार शुरू किया है। उन्होंने कहा कि है यह गर्व का विषय है कि इतने कम समय में ही विश्वविद्यालय ने इतनी सफलता हासिल की है और छात्रों की संख्या में देश के टॉप तीन खेल विश्वविद्यालय में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि यहां से डिग्री लेकर जाने वाले सभी विद्यार्थी भविष्य के विश्वविद्यालय के ध्वजवाहक होंगे और उनका आचरण विश्वविद्यालय की भावी पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक का काम करेगा।

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