भगवान की भक्ति की धारा जीवन में निरंतर प्रवाहित होनी चाहिए : बाबा हरदेव सिंह

भगवान की भक्ति की धारा जीवन में निरंतर प्रवाहित होनी चाहिए : बाबा हरदेव सिंह

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दिल्ली,  मई  | युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी का दिव्य, प्रेम साकार स्वरूप और उनकी विशाल दिव्य दृष्टि और सोच मानव कल्याण के लिए समर्पित थी। उन्होंने पूरे समर्पण, सहनशीलता और उदारता के साथ लोगों तक सत्य-ईश्वर प्राप्ति का संदेश लिया और सार्वभौमिक भाईचारे की अवधारणा को वास्तविक रूप दिया।

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बाबा हरदेव सिंह जी ने 36 वर्षों तक सतगुरु के रूप में निरंकारी मिशन के प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली। आध्यात्मिक जागृति के साथ-साथ उन्होंने समाज कल्याण के लिए कई कार्यों के लिए एक रूपरेखा भी प्रदान की, मुख्य रूप से रक्तदान, रक्त बैंक का गठन, नेत्र जांच शिविर, वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान आदि के लिए बाबा जी ने कई परियोजनाओं को एक नया देने के लिए आशीर्वाद दिया। आदर्श समाज की स्थापना के लिए महिला सशक्तिकरण और युवा ऊर्जा के आयाम। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के समय भी उनके निर्देशन में मिशन द्वारा निरंतर सेवाएं दी जाती थीं।

मानवता के दिव्य स्वरूप की रचना के लिए बाबा जी ने निरंतर निरंकारी संत समागमों की श्रृंखला को आगे बढ़ाया, जिसमें उन्होंने प्रेम और नम्रता जैसे दिव्य गुणों को ज्ञान के सूत्र में बांधकर आत्मसात करने का संदेश दिया। बाबा जी ने ‘मानवता ही मेरा धर्म’ कथन को साकार करते हुए संत निरंकारी मिशन की शिक्षाओं को छोटे शहरों से दूर दूर देशों में फैलाया। उन्होंने हमेशा समझाया कि भगवान की भक्ति की धारा जीवन में निरंतर प्रवाहित होनी चाहिए।

मानव सेवा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बाबा हरदेव सिंह जी को देश-विदेश में सम्मानित भी किया गया। उन्हें 27 यूरोपीय देशों की संसद द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया था और मिशन को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का मुख्य सलाहकार भी बनाया गया था। इसके साथ ही उन्हें विश्व में शांति स्थापित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया था।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज बाबा हरदेव सिंह जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि बाबा जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा में लगा दिया। 36 वर्षों तक मिशन का नेतृत्व करते हुए प्रत्येक भक्त को मानवता का पाठ पढ़ाकर उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। बाबा जी ने जीवन के हर क्षेत्र में हमेशा सर्वशक्तिमान निरंकार की इच्छा पर विश्वास करने पर जोर दिया। सतगुरु माता जी अक्सर कहते हैं कि कर्मों में सच्चे मनुष्य बनकर हम हर पल समर्पण के साथ जीवन जीते हैं; यह सही मायने में बाबा जी के प्रति हमारा सबसे बड़ा समर्पण होगा और उनकी शिक्षाओं का पालन करके हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

मानव कल्याण के लिए समर्पित, सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी जीवन भर एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में मानवता को सत्य का मार्ग दिखाते रहे। वर्तमान सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज इसी भाव को सकारात्मक रूप देते हुए एक नई ऊर्जा और तप के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की दिव्य उपस्थिति में इस वर्ष आज संत निरंकारी आध्यात्मिक परिसर समालखा (हरियाणा) में विशाल निरंकारी संत समागम के रूप में ‘सरमन दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है। यह समागम देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों में भी आयोजित किया जाएगा जहां सभी भक्त बड़ी संख्या में बाबा हरदेव सिंह जी को याद करने के लिए एकत्रित होंगे और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर पूरी सकारात्मकता और समर्पण के साथ चलने के अपने संकल्प को दोहराएंगे।

वर्तमान समय में जहां हर तरफ शत्रुता, द्वेष और द्वेष का वातावरण है। हर इंसान दूसरे इंसानों को नुकसान पहुंचाने में ही लगा रहता है। ऐसे समय में बाबा हरदेव सिंह जी का प्रेरक संदेश कि ‘कुछ भी बनो, पहले सच्चे इंसान बनो’, ‘दीवारों के बिना दुनिया’, ‘एक जानो, एक पर विश्वास करो, एक बनो’ आदि सभी के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति हैं। ; तभी विश्व में सही मायने में शांति और शांति का वातावरण स्थापित हो सकता है।

Faridabad Darshan

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