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फरीदाबाद, 11 जून। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद द्वारा “दीवारों के भीतर न्याय : कैदियों को उनके विधिक अधिकारों से सशक्त बनाना” अभियान के अंतर्गत जिला जेल नीमका, फरीदाबाद में एक जागरूकता शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर एवं योग सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद, श्रीमती रीतू यादव के संरक्षण एवं दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर श्रीमती रीतू यादव ने कैदियों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत प्रदत्त विधिक सहायता के अधिकारों एवं कैदियों के अन्य मौलिक अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने योग के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला तथा नियमित स्वास्थ्य जांच से जीवन की गुणवत्ता एवं दीर्घायु पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की भी चर्चा की।

इसके उपरांत, जिला विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता प्रमुख रविंदर गुप्ता ने उपस्थित कैदियों को ज़मानत के अधिकार, परोल, फरलो एवं रिहाई (रिमिशन) से संबंधित विधिक प्रावधानों की जानकारी दी।

इस अवसर पर सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता सुश्री स्वप्निल गर्ग ने कैदियों के पुनर्वास हेतु उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उनसे इनका लाभ उठाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के अंत में, श्रीमती रीतू यादव ने यह भी बताया कि जेल के अंदर विधिक सहायता क्लिनिक कक्ष में एक हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य कैदियों के हितों की रक्षा करना एवं उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

यह कार्यक्रम कैदियों के लिए न केवल जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि उन्हें एक सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की एक सार्थक पहल भी सिद्ध हुआ।

इस अवसर पर श्री सुमित पवार डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट व अन्य जेल स्टाफ भी उपस्थित रहा।

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