फरीदाबाद, 31 जुलाई 2025। विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 का आयोजन 01 अगस्त से 07 अगस्त तक स्वास्थ्य विभाग, फरीदाबाद द्वारा जोरशोर से किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला भर में जन-जागरूकता गतिविधियों की शृंखला शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य नवजात शिशुओं में स्तनपान के महत्व को रेखांकित करना और माताओं को इससे जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रचना मिश्रा ने बताया कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद स्तनपान कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जन्म के पहले घंटे में नवजात को माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध – कोलोस्ट्रम – अवश्य पिलाना चाहिए, क्योंकि यह दूध शिशु की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और उसे कई गंभीर बीमारियों से बचाता है। विशेषज्ञों की राय अनुसार, नवजात को जन्म से लेकर छह माह की आयु तक केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए, इस अवधि में पानी तक नहीं देना चाहिए।
इस सप्ताह के दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों को स्तनपान से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही, उनके अधीनस्थ स्वास्थ्यकर्मियों को भी पूर्णतः प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में सक्षम हों।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर स्तनपान करवा रही माताओं को जागरूक किया जाएगा। उन्हें यह सिखाया जाएगा कि वे किस प्रकार संतुलित आहार एवं नियमित देखभाल द्वारा स्तनपान में आने वाली समस्याओं को दूर कर सकती हैं तथा अपने एवं शिशु के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं।
इस पहल के माध्यम से जिला प्रशासन का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना और भावी पीढ़ी को एक बेहतर स्वास्थ्य आधार देना है।
