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फरीदाबाद, 9 सितम्बर 2025 : हरियाणा मानव अधिकार आयोग के सदस्य श्री दीप भाटिया ने आज बल्लभगढ़ स्थित वीटा मिल्क प्लांट का दौरा किया और यहां चल रही गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान मिल्क प्लांट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने बताया कि बल्लभगढ़ सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड का गठन अप्रैल 2003 में हुआ था जबकि मिल्क प्लांट का निर्माण वर्ष 1979 में हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसार लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा किया गया था। संघ का उद्देश्य दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का उचित मूल्य दिलाना, दुग्ध पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा व केटल फीड उपलब्ध कराना और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।

वर्तमान में बल्लभगढ़ मिल्क प्लांट प्रतिदिन एक लाख लीटर से अधिक दूध की खरीद कर रहा है तथा उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति के लिए लगभग 160 मिल्क बूथ भी संचालित कर रहा है। यहां न केवल वीटा ब्रांड के अंतर्गत दूध व उत्पाद (घी, पनीर, दही, लस्सी, खोया, बटर, डाइट पीनट आदि) बनाए जाते हैं बल्कि दिल्ली मिल्क स्कीम के लिए प्रतिदिन 50,000

लीटर दूध की सप्लाई भी की जाती है।

मिल्क प्लांट बल्लभगढ़ को IS 9005, IS 22000 प्रमाणन तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड का क्वालिटी मार्क भी प्राप्त है, जो यहां तैयार हो रहे उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता को प्रमाणित करता है।

निरीक्षण उपरांत श्री दीप भाटिया ने कहा कि वीटा प्लांट ग्रामीण स्तर पर पशुपालन को प्रोत्साहित करने के साथ किसानों की आय बढ़ा रहा है और उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद सुलभ करा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि ब्रांड प्रचार और उपभोक्ता जागरूकता अभियान और अधिक सक्रियता से चलाए जाने चाहिए।

इस अवसर पर आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि प्लांट अधिकारी समाज में फैली इस भ्रांति से चिंतित हैं कि दूध पाउडर से तैयार किया जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि दूध केवल दुग्ध उत्पादक समितियों के माध्यम से ही एकत्र कर प्लांट तक पहुंचाया जाता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि वीटा को जागरूकता अभियानों को और सशक्त रूप से चलाना चाहिए।

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