श्री सिद्धदाता आश्रम में सविधि हुई गोवर्धन महाराज की पूजा

फरीदाबाद।  सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम में गोवर्धन पूजा सविधि सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अधिष्ठाता जगदगुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर देवताओं के राजा इंद्र का भी घमंड चूर चूर कर दिया।
इंद्र को अहंकार हो गया कि उसके कारण ही पृथ्वी पर गोप ग्वाल जीवन जीते हैं। लेकिन इन्होंने मेरी पूजा न कर पर्वत को पूजा कर मेरा अपमान किया है। जिसकी सजा उन्हें देने के लिए इंद्र ने लगातार मूसलाधार बारिश की। लेकिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत के साए में सभी लोगों को आश्रय देकर उनकी रक्षा की। इंद्र का अहंकार टूटकर बिखर गया। तभी से यह पावन पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा एवं इंद्र के अभिमान निवारण की स्मृति में मनाया जाता है।
बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के वातावरण में लोगों ने गोवर्धन पूजा में भागीदारी की। इस अवसर पर गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाकर पूजन किया गया और भगवान को विविध प्रकार के व्यंजन अर्पित किए गए। इसके बाद आयोजित सामूहिक आरती एवं भजन संध्या के उपरांत परिक्रमा की गई। यहां प्रातः से ही कढ़ी और खिचड़ी का प्रसाद सभी को प्रदान किया गया।
स्वामीजी ने कहा कि गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता का भी प्रतीक है। इस दिन हमें भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों को स्मरण करते हुए सेवा, सादगी और समर्पण का भाव अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी से धर्म, भक्ति और सामूहिक सद्भावना का अनुभव करने की बात कही। इस अवसर पर गुरु महाराज ने सभी को प्रसाद एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

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