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राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026 में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की सहभागिता, समावेशी खेलों को बताया राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार

फरीदाबाद ।  मानव रचना शैक्षिक संस्थान के सुंदर एवं सुव्यवस्थित परिसर में आयोजित राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप 2026 में सहभागिता कर यह स्पष्ट हुआ कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि समान अवसर आत्मसम्मान और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि समावेशी खेल सशक्त भारत और सशक्त युवाओं के निर्माण की आधारशिला हैं।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने स्पेशल ओलिंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा जी को उनके दूरदर्शी नेतृत्व और समावेशी खेलों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में स्पेशल ओलिंपिक्स भारत आज एक ऐसा राष्ट्रीय मंच बन चुका है, जो दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मान आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। भारत की परंपरा एकता और समानता के मूल्यों पर आधारित रही है। आज आवश्यकता है कि इन मूल्यों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में व्यवहारिक रूप से लागू किया जाए, ताकि हर व्यक्ति को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। खेलों को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित मानना उचित नहीं है। खेल अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक समावेशन का सशक्त माध्यम हैं। हर प्रकार की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों को खेलों में भागीदारी और सम्मान पाने का बराबर अधिकार है, और इस अधिकार को सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस राष्ट्रीय फुटसल चैम्पियनशिप में 19 राज्यों से आए 227 खिलाड़ी और प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं जो इस आयोजन की व्यापकता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिताएं नहीं बल्कि खिलाड़ियों के लिए गरिमा अवसर और उत्कृष्टता के राष्ट्रीय मंच होते हैं।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के स्वास्थ्य परीक्षण और युवा नेतृत्व विकास से जुड़े प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने मानव रचना शैक्षिक संस्थान और श्री अमित भल्ला के सहयोग और उत्कृष्ट आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों और खेल संगठनों के बीच ऐसे सहयोग राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
अपने संबोधन के अंत में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि आइए हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि समावेशन भारतीय खेल संस्कृति का स्थायी स्वरूप बने।

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