फरीदाबाद,  जनवरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), फरीदाबाद द्वारा राष्ट्रीय मानव तस्करी दिवस के अवसर पर ग्राम महमदपुर, ग्राम अटाली तथा स्लम बस्ती, एसजीएम नगर, फरीदाबाद में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या के प्रति जागरूक करना तथा इसकी रोकथाम के उपायों की जानकारी देना था।

ये जागरूकता कार्यक्रम माननीय श्री संदीप गर्ग, जिला एवं सत्र न्यायाधीश–सह–अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद के कुशल मार्गदर्शन में तथा श्रीमती रीतू यादव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी–सह–सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फरीदाबाद की देखरेख में आयोजित किए गए।

शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, स्थानीय निवासियों एवं समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर श्रीमती रीतू यादव ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सरल एवं सहज भाषा में मानव तस्करी की परिभाषा समझाई। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी एक गंभीर अपराध है, जिसमें विशेषकर महिलाओं और बच्चों का अवैध रूप से शोषण किया जाता है, जैसे कि जबरन श्रम, विवाह, भिक्षावृत्ति एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियाँ।

उन्होंने मानव तस्करी के प्रमुख कारणों—गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी तथा रोजगार या बेहतर जीवन के झूठे प्रलोभनों—पर प्रकाश डाला। साथ ही इस बात पर बल दिया कि जागरूकता एवं सतर्कता अपनाकर भविष्य में इस प्रकार के अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, रोजगार प्रस्तावों की सत्यता की जांच, अज्ञात एजेंटों से सावधानी, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने तथा पुलिस एवं विधिक अधिकारियों से सहायता लेने जैसे रोकथाम के उपायों की जानकारी दी।

शिविरों के दौरान प्रतिभागियों को मानव तस्करी पीड़ितों के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों, सरकारी योजनाओं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में भी अवगत कराया गया। लोगों को बिना भय के ऐसे मामलों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि समय पर विधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके

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