ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में किडनी रोगों पर जागरूकता सेमिनार आयोजित
फरीदाबाद, 20 जनवरी |
ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि
क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से जुड़ी एनीमिया का अब दवाइयों से सुरक्षित और प्रभावी इलाज संभव है।
वे ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आयोजित किडनी रोग जागरूकता सेमिनार में डॉक्टरों को संबोधित कर रहे थे।
इस सेमिनार में 50 से अधिक डॉक्टरों ने भाग लिया।
किडनी मरीजों में एनीमिया एक आम समस्या
डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि किडनी रोगियों में
एनीमिया (खून की कमी) एक सामान्य समस्या है।
इससे मरीजों को कमजोरी, थकान और सांस फूलने जैसी दिक्कतें होती हैं।
पहले इसके इलाज के लिए बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन या पारंपरिक दवाओं पर निर्भर रहना पड़ता था।
आधुनिक इंजेक्शन दवाओं से बेहतर परिणाम
उन्होंने बताया कि अब एनीमिया के इलाज के लिए
आधुनिक इंजेक्शन आधारित दवाइयां उपलब्ध हैं।
इन दवाओं से न केवल मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है,
बल्कि इलाज पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी भी हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मिली नवीनतम जानकारी
डॉ. जितेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि हाल ही में
विश्व-प्रसिद्ध एनीमिया विशेषज्ञ डॉ. इयान मैकडुगल ने एकॉर्ड अस्पताल का दौरा किया था।
इस दौरान उन्होंने
सीकेडी से जुड़ी एनीमिया के नवीनतम उपचार विकल्पों,
नई दवाओं, अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
समय पर जांच से किडनी मरीज रह सकते हैं स्वस्थ
सेमिनार में डॉक्टरों ने किडनी रोगों की
समय पर पहचान, सही इलाज और बेहतर देखभाल पर भी विचार साझा किए।
डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि
नियमित जांच, संतुलित आहार और उचित दवाइयों से
किडनी मरीजों को लंबे समय तक स्वस्थ जीवन दिया जा सकता है।
डॉक्टरों ने सेमिनार को बताया उपयोगी
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित डॉक्टरों ने सेमिनार को
व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक बताया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम
चिकित्सा क्षेत्र में अपडेटेड ज्ञान के लिए बेहद जरूरी हैं।
