फरीदाबाद, 22 जनवरी।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में आयुष विभाग, फरीदाबाद लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। इसी क्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत ओम शिक्षा संस्कार सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पाली (फरीदाबाद) में एक विशेष योग एवं सूर्य नमस्कार सत्र का आयोजन किया गया।
विद्यालय स्तर पर योग को बढ़ावा देने की पहल
आज के समय में विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसलिए आयुष विभाग द्वारा स्कूल स्तर पर योग सत्र आयोजित कर बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाती है, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी विकसित करती है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों से प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान योगीराज ओमप्रकाश महाराज ने विद्यार्थियों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रेरणादायक जीवन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों से नेताजी के पदचिह्नों पर चलने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
इसके पश्चात योगीराज ओमप्रकाश महाराज ने स्वयं सूर्य नमस्कार कर विद्यार्थियों को इसकी सही विधि का अभ्यास करवाया। उन्होंने योग के महत्व को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से सरल भाषा में समझाया, जिससे विद्यार्थियों ने इसे सहजता से आत्मसात किया।
सूर्य नमस्कार के शारीरिक और मानसिक लाभ
इस अवसर पर आयुष विभाग के जिला योग विशेषज्ञ विकास यादव ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सूर्य नमस्कार के महत्व, उसकी सही प्रक्रिया तथा नियमित अभ्यास से होने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूर्य नमस्कार से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है, एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक तनाव कम होता है।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि यदि विद्यार्थी प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो वे स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकते हैं।
विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि योग को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाए, तो बच्चे उसे आसानी से अपनाते हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने की पहल की सराहना
विद्यालय प्रबंधन एवं स्टाफ ने आयुष विभाग की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।
कार्यक्रम का उद्देश्य और सफल आयोजन
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना रहा। इस सफल आयोजन में योग सहायक साहिल का भी सराहनीय योगदान रहा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, आयुष विभाग द्वारा आयोजित यह योग एवं सूर्य नमस्कार सत्र विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। ऐसे कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को एक सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
