फरीदाबाद |
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्री लक्ष्मी नारायण दिव्यधाम में
विद्या, ज्ञान और संगीत की देवी मां सरस्वती का विधिवत अभिषेक
श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ अनुष्ठान
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार से हुई,
जिससे पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत हो गया।
मां सरस्वती का अभिषेक
स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज
के कर-कमलों द्वारा संपन्न कराया गया।
अभिषेक के दौरान—
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पंचामृत
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पवित्र जल
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पुष्प एवं चंदन
से मां का स्नान कराया गया
और विशेष श्रृंगार किया गया।
श्रद्धालुओं ने की आरती, मांगी विद्या और समृद्धि की कामना
इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
भक्तों ने मां सरस्वती की आरती कर
उनके चरणों में पुष्प अर्पित किए
और—
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परिवार की सुख-समृद्धि
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विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य
की कामना की।
सच्ची विद्या विनम्रता और संस्कार सिखाती है: स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य
पूज्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने प्रवचन के माध्यम से
बसंत पंचमी पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“मां सरस्वती केवल विद्या की देवी नहीं हैं,
वे मन, वाणी और कर्म की शुद्धता की प्रेरणा देती हैं।
सच्ची विद्या वही है जो मानव को विनम्र बनाए
और समाज में सेवा व सद्भाव का भाव विकसित करे।”
उन्होंने विद्यार्थियों को—
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नियमित अध्ययन
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अनुशासन
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गुरुजनों के सम्मान
का महत्व बताते हुए
ज्ञान के साथ संस्कार अपनाने का आह्वान किया।
प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के समापन पर
श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
प्रसाद ग्रहण करते समय भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
आश्रम प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि—
“इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से
आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है
और समाज में सकारात्मकता व सद्भावना का संदेश फैलता है।”
