संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
फरीदाबाद, 24 जनवरी 2026: 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर ह्यूमन लीगल ऐड एंड क्राइम कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन द्वारा एक सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मेट्रो हॉस्पिटल कैंसर इंस्टीट्यूट के सभागार में संपन्न हुआ, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की भागीदारी रही।
कार्यक्रम में राजेश चेची, डीसीपी (जीआरपी) ओल्ड फरीदाबाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सेक्टर-16 महिला थाना की उषा रानी तथा एन.आई.टी. सेक्टर-21 महिला थाना की माया विशेष अतिथि रहीं। फरीदाबाद नगर निगम वार्ड-32 की शेफाली सिंघला ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
राष्ट्रगान से शुरुआत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान से किया गया। इसके बाद देशभक्ति गीतों, नृत्य प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के योगदानकर्ताओं को स्मरण किया गया। आयोजन का उद्देश्य संविधानिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों के विचार
मुख्य अतिथि डीसीपी राजेश चेची ने अपने संबोधन में सामाजिक संगठनों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा और जागरूकता के माध्यम से समाज को सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
महिला थाना सेक्टर-16 की एसएचओ उषा रानी ने युवाओं को अपराध-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की बात कही। वहीं एन.आई.टी. महिला थाना की एसएचओ माया ने कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत नुक्कड़ नाटकों की सराहना की, जिनका विषय नशा-मुक्ति और साइबर अपराधों से बचाव रहा।
नशा-मुक्ति और साइबर सुरक्षा पर नुक्कड़ नाटक
संस्था द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जोखिमों पर जन-जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को सरल और प्रभावी ढंग से सतर्क रहने का संदेश दिया।
उपस्थिति और आगे की योजना
कार्यक्रम में सचिन, प्रियांशु श्रीवास्तव, आयुष त्रिवेदी, ऐश्वर्या शर्मा, अश्मित कुमार, अमन शर्मा, पल्लवी कुमारी, लखन सहित कई सदस्य मौजूद रहे। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस तरह के जागरूकता अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन का उद्देश्य गणतंत्र दिवस की भावना को व्यवहारिक रूप में जीवंत रखना रहा। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
