संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
गणतंत्र दिवस: उत्सव से आगे, जिम्मेदारियों की याद
गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास का वह महत्वपूर्ण अध्याय है, जो केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने और परेड तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। 26 जनवरी 1950 को लागू हुए भारतीय संविधान ने देश को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया और समानता, न्याय, स्वतंत्रता तथा बंधुत्व जैसे मूल्यों को सामाजिक जीवन की आधारशिला बनाया।
इसी भाव के साथ 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संविधान के महत्व और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से बात रखी।
फरीदाबाद में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन
77वें गणतंत्र दिवस पर फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित हेलीपैड ग्राउंड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड की सलामी ली और मार्च-पास्ट का निरीक्षण किया।
समारोह में स्कूली बच्चों, सांस्कृतिक दलों और सुरक्षा बलों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने देशभक्ति का वातावरण बनाया। राष्ट्रगान के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में भारत की विविधता और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली प्रस्तुतियों ने उपस्थित नागरिकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा।
शहीदों को श्रद्धांजलि और स्मरण
समारोह से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने टाउन पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष और त्याग के कारण ही आज देश लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत आगे बढ़ रहा है।
संविधान और उसके निर्माताओं को नमन
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उनके दूरदर्शी विचारों और अथक परिश्रम के कारण भारत को ऐसा संविधान मिला, जो आज भी सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जो नागरिकों को समान अवसर और न्याय प्रदान करता है।
विज्ञान और अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियां
कार्यक्रम के दौरान देश की वैज्ञानिक प्रगति पर भी चर्चा हुई। अंतरिक्ष विज्ञान में हाल के वर्षों में दर्ज की गई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन की सफलता ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। यह उपलब्धि देश के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और तकनीकी क्षमता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सफलताएं युवाओं को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
हरियाणा का सामाजिक और आर्थिक योगदान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय विकास में हरियाणा की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। युवाओं की सेना और अर्धसैनिक बलों में भागीदारी को राज्य की गौरवशाली परंपरा बताते हुए उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि सैनिक और अर्धसैनिक बलों के कल्याण के लिए विशेष विभाग का गठन किया गया है, ताकि उनके परिवारों को समय पर सहायता और सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि नागरिकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य बजट में निरंतर वृद्धि के माध्यम से अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विशेष उपचार सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस, स्वास्थ्य बीमा योजनाएं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति उपचार में बाधा न बने।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाएं
कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। वृद्धजन, विधवाएं, दिव्यांगजन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए पेंशन और सहायता योजनाओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही आवास योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान और प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।
कृषि, रोजगार और खेल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए फसलों की खरीद और भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
खेलों के क्षेत्र में राज्य के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे युवा खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित हों।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देकर निर्णय-निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाई गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करना संविधान की मूल भावना है।
कर्तव्यों के पालन का आह्वान
अपने संबोधन के समापन पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे संविधान में निहित मूल्यों को आत्मसात करें और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे।
उन्होंने 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र और प्रदेश की उन्नति के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया।
निष्कर्ष
77वां गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जिम्मेदारियों की याद दिलाने का दिन है। फरीदाबाद में आयोजित यह समारोह संविधान, विकास और सामाजिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित करता है और नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है।
