पलवल में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आयोजन
पलवल जिला मुख्यालय में 77वां जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह पूरे उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति के वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, सुरक्षा बलों, सांस्कृतिक दलों और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य संविधान के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सहभागिता को सुदृढ़ करना रहा।
ध्वजारोहण और मार्च-पास्ट की सलामी
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में कृष्णपाल गुर्जर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के उपरांत उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और भव्य मार्च-पास्ट की सलामी ली। परेड में पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्कूली टुकड़ियों ने अनुशासन और समन्वय का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा समारोह में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को जूते उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया।
शहीदों को श्रद्धांजलि और सम्मान समारोह
कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि ने पलवल स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचकर स्वतंत्रता और राष्ट्र रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समारोह के दौरान युद्ध वीरांगनाओं, शहीदों के आश्रितों, सांस्कृतिक दलों, खिलाड़ियों तथा उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
संविधान और नागरिक मूल्यों पर संदेश
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन संविधान द्वारा प्रदत्त न्याय, स्वतंत्रता और समानता जैसे मौलिक अधिकारों की याद दिलाता है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
शिक्षा, कौशल और बुनियादी ढांचे पर जानकारी
समारोह में शिक्षा, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। युवाओं को कौशल से जोड़ने, औद्योगिक विकास, डिजिटल सेवाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता जैसे बिंदुओं पर जानकारी साझा की गई। इन प्रयासों का उद्देश्य नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच को सरल और प्रभावी बनाना बताया गया।
सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, पेंशन, किसानों को भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य लाभ और दिव्यांगजनों के कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी प्रकाश डाला गया। इसका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और जागरूकता बढ़ाना रहा।
खेल, महिला सहभागिता और ग्रामीण विकास
खेल क्षेत्र में उपलब्धियों, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, ग्रामीण विकास में महिलाओं की भागीदारी, पंचायती राज संस्थाओं में प्रतिनिधित्व और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों को भी समारोह में रेखांकित किया गया। यह बताया गया कि खेल नर्सरी, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल सेवाओं से युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं।
झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत झांकियां समारोह का प्रमुख आकर्षण रहीं। इन झांकियों के माध्यम से जनकल्याण, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास से जुड़े संदेशों को सजीव रूप में प्रदर्शित किया गया। शुगर मिल पलवल की झांकी को प्रथम स्थान, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को द्वितीय और डीआरडीए पलवल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखा राष्ट्रप्रेम
शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को जीवंत बना दिया। सूर्य नमस्कार, योग, पीटी, डंबल, लेजियम और देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियों को दर्शकों ने सराहा। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्रदान किया गया।
मार्च-पास्ट में महिला पुलिस की टुकड़ी प्रथम
परेड कमांडर डीएसपी होडल साहिल ढिल्लों के नेतृत्व में आयोजित मार्च-पास्ट में विभिन्न टुकड़ियों ने अनुशासित कदमताल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में हरियाणा महिला पुलिस की टुकड़ी को प्रथम, होमगार्ड हरियाणा को द्वितीय और एनसीसी जूनियर विंग धर्म पब्लिक स्कूल पलवल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
समारोह में जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, नगर निकायों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युद्ध वीरांगनाओं और शहीदों के आश्रितों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
निष्कर्ष
पलवल में आयोजित 77वां जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक सहभागिता के मूल्यों को समर्पित रहा। परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, झांकियों और सम्मान समारोहों के माध्यम से यह आयोजन नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की प्रेरणा देता नजर आया।
