फरीदाबाद | 2 फरवरी 2026
हरियाणा के फरीदाबाद में साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने टेलीग्राम टास्क के नाम पर 6,94,800 रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक खाताधारक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराया था, जिसका उपयोग पीड़ित से ठगी गई राशि के लेन-देन में किया गया।
यह मामला सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से फैल रहे टेलीग्राम टास्क फ्रॉड की गंभीरता को एक बार फिर उजागर करता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश, पार्ट-टाइम जॉब या टास्क आधारित कमाई के लालच से सावधान रहें।
सोशल मीडिया लिंक से शुरू हुआ ठगी का सिलसिला
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस मामले की शिकायत सेक्टर-11 फरीदाबाद निवासी प्रशांत द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह फेसबुक पर ब्राउज़िंग कर रहा था, तभी उसे एक आकर्षक लिंक दिखाई दिया। लिंक पर क्लिक करने के बाद वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गया, जहां पार्ट-टाइम और फुल-टाइम काम के जरिए कमाई के दावे किए जा रहे थे।
ग्रुप में मौजूद लोगों द्वारा यह बताया गया कि आसान से ऑनलाइन टास्क पूरे कर अच्छी आमदनी की जा सकती है। शुरुआती बातचीत के दौरान भरोसा जीतने के लिए छोटे-छोटे लाभ के उदाहरण भी साझा किए गए, जिससे शिकायतकर्ता को यह प्रस्ताव वास्तविक लगा।
टेलीग्राम टास्क और प्रीपेड निवेश का लालच
कुछ समय बाद शिकायतकर्ता को टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होने के लिए कहा गया। वहां उसे अलग-अलग टास्क पूरे करने को कहा गया, जिनमें वीडियो देखना, पोस्ट लाइक करना या स्क्रीनशॉट अपलोड करना शामिल था। शुरुआत में छोटे टास्क के बदले सीमित राशि दिखाकर भरोसा और मजबूत किया गया।
इसके बाद ठगों ने प्रीपेड टास्क का प्रस्ताव रखा और दावा किया कि ज्यादा रकम निवेश करने पर ज्यादा मुनाफा मिलेगा। इसी झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग चरणों में कुल 6,94,800 रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब उसने अपने पैसे और कथित मुनाफे की मांग की, तो ठगों ने संपर्क बंद कर दिया।
शिकायत के बाद शुरू हुई साइबर जांच
पैसे वापस न मिलने पर पीड़ित ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल ट्रेल और ऑनलाइन गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम कई खातों में घुमाई गई थी, ताकि असली ठगों तक पहुंचना मुश्किल हो सके। इसी कड़ी में एक खाते की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
खाताधारक की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस जांच में जिस खाताधारक की भूमिका सामने आई, उसकी पहचान सक्षम यादव (22 वर्ष), निवासी अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपना बैंक खाता अन्य व्यक्तियों के माध्यम से ठगों को उपलब्ध कराया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने यह खाता सौरव से लेकर आगे ठगों को दिया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में रामकुमार और सौरव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी सक्षम यादव की शैक्षणिक योग्यता बी.एससी. बताई गई है।
अदालत में पेश, पुलिस रिमांड पर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस:
ठगी नेटवर्क की पूरी श्रृंखला समझने
अन्य खाताधारकों की पहचान
डिजिटल उपकरणों और संपर्कों की जांच
धन के अंतिम गंतव्य का पता लगाने
पर काम कर रही है।
खाताधारकों की भूमिका क्यों अहम
साइबर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मामलों में खाताधारक (Money Mule) की भूमिका बेहद अहम होती है। ठग सीधे अपने नाम पर खाते इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि दूसरों के खातों का उपयोग कर रकम को आगे-पीछे करते हैं। इससे:
धन का स्रोत छिपाया जा सके
जांच को भटकाया जा सके
नेटवर्क को सुरक्षित रखा जा सके
इसी कारण खाताधारकों के खिलाफ भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।
टेलीग्राम टास्क फ्रॉड: कैसे फंसते हैं लोग
विशेषज्ञों के अनुसार, टेलीग्राम टास्क फ्रॉड में आमतौर पर ये तरीके अपनाए जाते हैं:
सोशल मीडिया विज्ञापन या लिंक
व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ना
आसान टास्क दिखाकर भरोसा जीतना
प्रीपेड निवेश का दबाव बनाना
अचानक संपर्क बंद कर देना
इन मामलों में अत्यधिक मुनाफे के वादे सबसे बड़ा चेतावनी संकेत होते हैं।
साइबर पुलिस की नागरिकों से अपील
फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
सोशल मीडिया पर दिखने वाले “आसान कमाई” के दावों पर भरोसा न करें
टेलीग्राम/व्हाट्सएप टास्क के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें
पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
डिजिटल साक्ष्य और आगे की कार्रवाई
साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को मजबूत करने पर काम कर रही है। बैंक खातों, मोबाइल डेटा, आईपी लॉग्स और ऑनलाइन चैट्स की जांच की जा रही है, ताकि:
मुख्य ठगों तक पहुंचा जा सके
ठगी की पूरी रकम का हिसाब लगाया जा सके
नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान हो सके
जांच पूरी होने के बाद मामले में चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी।
बढ़ते साइबर अपराध और सतर्कता की जरूरत
पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में:
डिजिटल साक्षरता
वित्तीय सतर्कता
समय पर शिकायत
बेहद जरूरी हो गई है।
पुलिस का सख्त रुख
फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है। न केवल मुख्य ठग, बल्कि खाताधारक और सहयोगी भूमिका निभाने वालों पर भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

