फरीदाबाद | 02 फरवरी 2026
हरियाणा के फरीदाबाद में सामने आए एक बड़े साइबर अपराध मामले में पुलिस ने अहम कार्रवाई करते हुए एक और खाताधारक को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक लाभ का लालच देकर 5,56,21,548 रुपये की कथित ठगी के मामले में राजस्थान से एक आरोपी को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते में इस ठगी से जुड़ी 95 लाख रुपये की राशि आई थी।
यह मामला दर्शाता है कि किस प्रकार साइबर अपराधी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर निवेशकों को झांसे में लेते हैं और बड़े स्तर पर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ निवेश का झांसा
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस मामले की शिकायत ओल्ड फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह व्हाट्सएप के माध्यम से “B16 Trust Line Investor Network” और “Trust Line VIP 1073” नामक ग्रुप से जुड़ा हुआ था। इन ग्रुपों में शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के दावे किए जा रहे थे।
ग्रुप में नियमित रूप से निवेश से जुड़े संदेश, कथित एक्सपर्ट सलाह और मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे, जिससे ग्रुप के सदस्यों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत होता गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन संदेशों के जरिए यह विश्वास दिलाया गया कि यह एक सुरक्षित और लाभकारी निवेश प्लेटफॉर्म है।
एप डाउनलोड करवाकर निवेश की प्रक्रिया
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे “TL FIN” नामक एक मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। इस एप के माध्यम से निवेश की पूरी प्रक्रिया दिखाई जाती थी। ठगों ने निर्देश दिए कि निवेश की राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए।
जब भी शिकायतकर्ता किसी खाते में पैसे भेजता और उसकी ट्रांजेक्शन आईडी व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करता, तो कुछ ही समय बाद उसके एप अकाउंट में वही राशि मुनाफे के साथ दिखाई देने लगती थी। इससे उसे यह विश्वास हो गया कि निवेश सही दिशा में जा रहा है और उसे वास्तविक लाभ मिल रहा है।
धीरे-धीरे बढ़ता गया निवेश
पुलिस जांच में सामने आया कि शुरुआत में अपेक्षाकृत कम राशि निवेश करवाई गई। इसके बाद ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे बार-बार यह कहा गया कि:
ज्यादा निवेश करने पर रिटर्न भी ज्यादा मिलेगा
यह सीमित समय का अवसर है
बड़े निवेशक पहले ही अच्छा मुनाफा कमा चुके हैं
इन दावों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग चरणों में कुल 5,56,21,548 रुपये निवेश कर दिए।
रकम निकालने की कोशिश में सामने आई सच्चाई
समस्या तब शुरू हुई जब शिकायतकर्ता ने अपनी निवेश की गई राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया। उसने पाया कि:
TL FIN एप काम नहीं कर रही थी
संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप बंद कर दिए गए थे
किसी भी नंबर या माध्यम से संपर्क संभव नहीं था
इसके बाद शिकायतकर्ता को यह अहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। उसने तत्काल साइबर थाना सेंट्रल फरीदाबाद में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मामला
शिकायत के आधार पर साइबर थाना सेंट्रल में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस की साइबर विशेषज्ञ टीम ने:
बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल
डिजिटल ट्रेल
व्हाट्सएप ग्रुप गतिविधियां
एप से जुड़े तकनीकी पहलू
का विश्लेषण शुरू किया। जांच के दौरान कई बैंक खातों की पहचान हुई, जिनके माध्यम से ठगी की रकम को इधर-उधर किया गया था।
खाताधारक की पहचान और गिरफ्तारी
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम जिन खातों में गई, उनमें से एक खाता नरेंद्र (28 वर्ष), निवासी जिला पाली, राजस्थान के नाम पर था। पुलिस के अनुसार, आरोपी “श्री राजपुताना बुटीक” नामक फर्म का खाताधारक है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी की शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है और वह कपड़ों की दुकान चलाता है। जांच में यह भी सामने आया कि उसके खाते में इस साइबर ठगी से जुड़े 95 लाख रुपये आए थे। इसी आधार पर साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने उसे राजस्थान से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क में खाताधारक की भूमिका निभा रहा था। ऐसे मामलों में खाताधारक का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि:
मुख्य ठग अपनी पहचान छुपा सकें
ठगी की रकम कई खातों में बांटी जा सके
जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को इस भूमिका के बदले क्या लाभ मिला और वह मुख्य ठगों के संपर्क में किस तरह आया।
अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, इस बड़े साइबर ठगी मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच अभी जारी है और संभावना है कि आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क है, जिसमें:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
फर्जी निवेश एप
कई बैंक खातों
अलग-अलग राज्यों में फैले व्यक्तियों
का इस्तेमाल किया गया।
अदालत में पेश, पुलिस रिमांड पर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी नरेंद्र को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस:
अन्य खातों की जानकारी
डिजिटल उपकरणों की जांच
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान
ठगी की पूरी राशि का ट्रैक
करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
शेयर मार्केट ठगी के बढ़ते मामले
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के वर्षों में शेयर मार्केट और ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। ठग आमतौर पर:
व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप
फर्जी निवेश ऐप
आकर्षक मुनाफे के दावे
नकली एक्सपर्ट प्रोफाइल
का सहारा लेते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक और सुनिश्चित मुनाफे के वादे किसी भी निवेश में खतरे का संकेत होते हैं।
पुलिस की नागरिकों से अपील
फरीदाबाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि:
अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने से बचें
बिना सत्यापन के किसी एप पर निवेश न करें
शेयर मार्केट निवेश से पहले आधिकारिक और पंजीकृत स्रोतों से जानकारी लें
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें
पुलिस का कहना है कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।
तकनीकी जांच और आगे की कार्रवाई
साइबर थाना सेंट्रल की टीम इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत कर रही है। बैंक खातों, सर्वर लॉग्स, मोबाइल डेटा और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके।
जांच पूरी होने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख
फरीदाबाद पुलिस ने दोहराया है कि साइबर अपराधों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। चाहे मुख्य आरोपी हो या खाताधारक, कानून के दायरे में रहते हुए सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निवेशकों के लिए सीख
यह मामला एक महत्वपूर्ण सीख देता है कि:
ऑनलाइन निवेश में जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है
हर चमकती पेशकश भरोसेमंद नहीं होती
आधिकारिक और पंजीकृत प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करना सुरक्षित होता है

