फरीदाबाद, 04 फरवरी 2026
फरीदाबाद में अवैध नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में फरीदाबाद पुलिस की विभिन्न अपराध शाखाओं ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन मामलों में कुल 1.660 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। यह कार्रवाई शहर में नशा तस्करी को रोकने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशा तस्करी न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज और स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है। इसी कारण नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर अपराध शाखाओं को सक्रिय किया गया है।
नशे के खिलाफ लगातार अभियान
फरीदाबाद पुलिस द्वारा अवैध नशा बेचने और तस्करी करने वालों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पुलिस का मानना है कि नशे का कारोबार कई अन्य अपराधों को भी जन्म देता है। इसलिए इस पर समय रहते नियंत्रण करना आवश्यक है। इसी रणनीति के तहत अपराध शाखाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस उपायुक्त अपराध के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त अपराध के मार्गदर्शन में की गई। उनके निर्देशानुसार अपराध शाखाओं को सक्रिय करते हुए सूचना तंत्र को मजबूत किया गया। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। इसके साथ-साथ सप्लाई चेन को तोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके।
अपराध शाखा बॉर्डर की कार्रवाई
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, अपराध शाखा बॉर्डर की टीम ने एक मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नवीन नगर क्षेत्र में की गई, जहां टीम को नशा बेचने की सूचना मिली थी।
जांच और तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 1.210 किलोग्राम गांजा बरामद किया। मौके पर ही आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
आरोपी की पहचान और पूछताछ
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रितिक दास, निवासी विनय नगर, फरीदाबाद के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यह गांजा दिल्ली से खरीदा था।
आरोपी के अनुसार, उसने करीब 2 किलोग्राम गांजा 15,000 रुपये में खरीदा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि शेष गांजा कहां गया और क्या वह पहले भी नशे की तस्करी में शामिल रहा है।
गांजा सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर गांजा सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा था।
इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि आरोपी किस माध्यम से गांजा मंगवाता था और इसमें कोई संगठित गिरोह शामिल है या नहीं।
अपराध शाखा AVTS की दूसरी कार्रवाई
इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में अपराध शाखा AVTS की टीम ने भी नशा तस्करी के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई सेक्टर-29 बाईपास रोड के पास की गई।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 450 ग्राम गांजा बरामद किया। आरोपी को मौके पर ही हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
दूसरे आरोपी की पहचान
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान लोकेश, निवासी बसेलवा कॉलोनी, फरीदाबाद के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अवैध रूप से गांजा बेचने की गतिविधियों में शामिल था।
पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी किससे गांजा खरीदता था और किन लोगों को इसकी सप्लाई करता था। इसके अलावा उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
संबंधित थानों में दर्ज हुए मामले
दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के मामलों में कानून बेहद सख्त है।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। इसी कारण ऐसे मामलों में गहन जांच की जाती है।
अदालत में पेशी और पुलिस रिमांड
गिरफ्तार किए गए आरोपी रितिक दास को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। अदालत के आदेशानुसार उसे 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। इसका उद्देश्य नशे की सप्लाई चेन और अन्य संलिप्त व्यक्तियों तक पहुंचना है।
वहीं, आरोपी लोकेश के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसकी भूमिका की जांच के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नशा तस्करी से जुड़ी सामाजिक चिंता
नशा तस्करी केवल एक कानूनी समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी है। नशे की लत युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है और परिवारों को भी संकट में डालती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के कारण अपराध, स्वास्थ्य समस्याएं और सामाजिक असंतुलन बढ़ता है। इसी कारण नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाना आवश्यक हो जाता है।
फरीदाबाद पुलिस की रणनीति
फरीदाबाद पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ बहुस्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है। इसमें गश्त बढ़ाना, सूचना तंत्र को मजबूत करना और तकनीकी संसाधनों का उपयोग शामिल है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी को अपने आसपास नशा बेचने या तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करने को कहा गया है।
पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को कार्रवाई में मदद मिलती है।
युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रयास
फरीदाबाद पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक मंचों पर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि केवल कार्रवाई से ही नहीं, बल्कि जागरूकता से भी नशे की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
भविष्य में भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अपराध शाखाओं को लगातार सक्रिय रखा जाएगा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
इसका उद्देश्य फरीदाबाद को नशा मुक्त और सुरक्षित शहर बनाना है।

