चंडीगढ़/फरीदाबाद। हरियाणा सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 4,156 आधुनिक टैबलेट उपलब्ध कराने की पहल की गई है। यह जानकारी प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने दी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग कर नागरिकों को तेज, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य के तहत राजस्व विभाग को अत्याधुनिक तकनीक से लैस उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे फील्ड स्तर पर कार्य और अधिक प्रभावी बन सके।
उन्होंने बताया कि इन टैबलेट्स में बड़ा डिस्प्ले, उच्च प्रोसेसिंग क्षमता, पर्याप्त स्टोरेज और लंबी बैटरी लाइफ जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिससे अधिकारी बिना किसी बाधा के पूरे दिन फील्ड वर्क कर सकेंगे। इसके अलावा, इन उपकरणों में 5G और LTE कनेक्टिविटी, GPS सुविधा तथा उन्नत इमेजिंग तकनीक भी उपलब्ध होगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्य करना आसान होगा और जमीन से जुड़े मामलों में सटीक डेटा संग्रह व सत्यापन संभव हो सकेगा।
विपुल गोयल ने बताया कि सभी 4,156 टैबलेट्स को दो वर्ष के क्लाउड-होस्टेड लाइसेंस के साथ मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट (MDM) सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इस केंद्रीकृत प्रणाली के माध्यम से सरकार उपकरणों की निगरानी, सुरक्षा, अपडेट और प्रबंधन रियल-टाइम में कर सकेगी। इससे डेटा सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस पूरी पहल में पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उपकरणों की खरीद से लेकर उनके उपयोग और प्रबंधन तक सभी प्रक्रियाएं सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संपन्न की जाएंगी, जिससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि डिजिटल उपकरणों के उपयोग से राजस्व सेवाओं में होने वाली देरी में कमी आएगी और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। इससे राजस्व संबंधी कार्य अधिक सटीक और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों, विशेष रूप से किसानों को मिलेगा। डिजिटल सेवाओं के माध्यम से कई कार्य घर बैठे ही संभव हो सकेंगे, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय व संसाधनों की बचत होगी।
अंत में विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू कर आमजन तक उनका लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है और तकनीक आधारित सुशासन के माध्यम से प्रदेश को विकास की नई गति दी जा रही है।

