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फरीदाबाद, 05 सितंबर। बरसात के मौसम में डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए खतरे की घंटी बज गई है। मामूली-सा घाव भी गंभीर संक्रमण का रूप ले सकता है। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल के सर्जरी विभाग में रोजाना तीन से चार नए मरीज “डायबिटिक फुट” के साथ पहुंच रहे हैं। सर्जरी विभाग चेयरमैन डॉ. प्रबल रॉय ने ऐसे मरीजों को समय पर जांच करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही मरीज को ऑपरेशन तक पहुंचा सकती है।
अस्पताल में इलाज के
लिए पहुंचे बल्लभगढ़ निवासी 55 वर्षीय राजेश परिवर्तित नाम को एक सप्ताह पहले पैर में छोटा-सा छाला पड़ा। शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन धीरे-धीरे घाव गहराता चला गया और पैरों में सूजन व दर्द बढ़ गया। जब तक वह अस्पताल पहुंचे, संक्रमण ने उनकी नसों को प्रभावित करना शुरू कर दिया था। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज न मिलने पर उनकी हालत और बिगड़ सकती थी।
अस्पताल के सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. प्रबल रॉय ने बताया कि गीले जूते-मोजे पहनने, बारिश के पानी में लंबे समय तक चलने और पैरों की सफाई में लापरवाही बरतने से डायबिटिक मरीजों में यह समस्या तेजी से बढ़ती है। शुरुआती लक्षणों में लालिमा, सूजन, फोड़े, घाव, जलन और सुन्नपन शामिल हैं। इलाज में देरी होने पर ऑपरेशन या अंग काटने तक की नौबत आ सकती है।
उन्होंने शुगर मरीजों को सलाह दी कि रोजाना पैरों की जांच करें, उन्हें हमेशा साफ और सूखा रखें, आरामदायक जूते-मोजे पहनें और किसी भी तरह के घाव को हल्के में न लें। सबसे अहम है कि ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।
डॉ. रॉय ने कहा कि थोड़ी-सी सतर्कता और नियमित देखभाल से डायबिटिक फुट जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है

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