फरीदाबाद, 16 जनवरी |
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल और नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (CME) का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग के निदेशक डॉ. राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सही समय पर रेफर करना बेहद जरूरी
डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि कई बार मरीज की स्थिति सामान्य इलाज से बाहर हो जाती है।
ऐसे में यदि समय पर मरीज को बेहतर इलाज केंद्र में रेफर नहीं किया गया, तो देरी मरीज के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
उन्होंने बताया कि इस सीएमई का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों को यह समझाना था कि किस स्थिति में मरीज को तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र भेजना चाहिए।
सीएमई का विषय रहा रेफरल का सही समय
कार्यक्रम का विषय “कब मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जाना चाहिए” रखा गया था।
इस दौरान डॉ. राकेश कुमार ने डॉक्टरों को वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से विषय को विस्तार से समझाया।
उन्होंने कहा कि सही समय पर लिया गया निर्णय मरीज की जान बचा सकता है।
इन स्थितियों में तुरंत करें रेफर
डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि निम्न परिस्थितियों में मरीज को तुरंत उच्च केंद्र पर रेफर करना चाहिए:
गंभीर सड़क दुर्घटना
हड्डियों के जटिल फ्रैक्चर
अत्यधिक रक्तस्राव
सिर में गंभीर चोट
एक से अधिक अंगों में चोट
अचानक मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ना
उन्होंने कहा कि इससे मरीज को समय पर विशेषज्ञ इलाज और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल पाती हैं।
केस स्टडी से समझाया गया विषय
कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों के साथ केस स्टडी के माध्यम से चर्चा की गई।
इससे विषय को समझना आसान हो गया और व्यावहारिक जानकारी भी मिली।
नीमा एसोसिएशन से जुड़े वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
भविष्य में भी होंगे ऐसे कार्यक्रम
डॉक्टरों ने विशेषज्ञों से सवाल-जवाब किए, जिनका विशेषज्ञों ने संतोषजनक उत्तर दिया।
कार्यक्रम के अंत में यह भी कहा गया कि भविष्य में इस तरह के सीएमई कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
इसका उद्देश्य डॉक्टरों के ज्ञान को बढ़ाना और मरीजों को बेहतर व समय पर इलाज उपलब्ध कराना है

