संवाददाता – Vishnu Ojha (Journalist)
फरीदाबाद में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सामाजिक सहभागिता और उत्साह का दृश्य देखने को मिला, जब भारती चैरिटेबल ट्रस्ट एवं अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा के संयुक्त तत्वावधान में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 26 जनवरी को सुभाष चौक, फरीदाबाद में आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय नागरिकों, संस्था के सदस्यों और गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी रही।
गणतंत्र दिवस का सामूहिक आयोजन
कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय पर्व को सामूहिक रूप से मनाने के साथ-साथ समाज में एकता, सहयोग और सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देना रहा। आयोजन में संस्थाओं से जुड़े सदस्यों के साथ-साथ आसपास की कॉलोनियों के निवासियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे यह कार्यक्रम एक सामुदायिक उत्सव का रूप ले सका।
सुबह से ही आयोजन स्थल पर लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को ध्यान में रखते हुए अनुशासित और सुव्यवस्थित वातावरण देखने को मिला।
मुख्य अतिथि की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगेंद्र भड़ाना, पूर्व विधायक, उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने गणतंत्र दिवस के महत्व पर संक्षिप्त विचार साझा किए और समाज में आपसी सहयोग व सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उनके संबोधन को औपचारिक और विषयवस्तु तक सीमित रखा गया, जिससे आयोजन का सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप बना रहा।
खिलाड़ियों के सम्मान से बढ़ा आयोजन का गौरव
इस गणतंत्र दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण स्थानीय प्रतिभाओं का सम्मान रहा। कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर लौटी प्राची विधूड़ी, जो नंगला एनक्लेव पार्ट-2, फरीदाबाद की निवासी हैं, को संस्था द्वारा शिल्ड और मेडल देकर सम्मानित किया गया।
प्राची विधूड़ी की इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनकी मेहनत और अनुशासन की सराहना की। सम्मान समारोह का उद्देश्य युवाओं, विशेषकर बालिकाओं, को खेलों और शारीरिक गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित करना रहा।
नन्हे खिलाड़ी का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान एक अन्य प्रतिभाशाली बच्चे हार्दिक नागर को भी सम्मानित किया गया। हार्दिक नागर ने नेशनल जूडो कराटे प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया है। संस्था द्वारा उन्हें सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि कम उम्र में उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को मंच देना और प्रोत्साहित करना समाज की जिम्मेदारी है।
बच्चों के सम्मान से कार्यक्रम में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना रहा।
सामाजिक सहभागिता का उदाहरण
इस आयोजन में सामाजिक, शैक्षणिक और सामुदायिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें पूर्व पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर, संस्था पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक शामिल थे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी-अपनी भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और आपसी सहयोग देखने को मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रयासों से बड़े आयोजन भी सफलतापूर्वक किए जा सकते हैं।
युवाओं और बच्चों के लिए प्रेरणा
आयोजकों का कहना है कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश देना भी है। खिलाड़ियों को सम्मानित कर यह दिखाया गया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल और शारीरिक विकास भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
विशेष रूप से बालिकाओं की उपलब्धियों को मंच देकर यह संदेश दिया गया कि खेल के क्षेत्र में भी वे आगे बढ़ सकती हैं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकती हैं।
संस्था की भूमिका
भारती चैरिटेबल ट्रस्ट और अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा लंबे समय से सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। आयोजकों के अनुसार, भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिनमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
संस्थाओं का मानना है कि स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देते हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में शामिल स्थानीय निवासियों ने इस आयोजन की सराहना की। उनका कहना था कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व को इस तरह सामूहिक रूप से मनाने से आपसी मेल-जोल बढ़ता है और बच्चों व युवाओं को प्रेरणा मिलती है।
स्थानीय लोगों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा जताई।
निष्कर्ष
सुभाष चौक, फरीदाबाद में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह ने यह दर्शाया कि सामाजिक संस्थाएं और स्थानीय नागरिक मिलकर राष्ट्रीय पर्व को गरिमा और उत्साह के साथ मना सकते हैं। खिलाड़ियों के सम्मान और सामुदायिक सहभागिता ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। यह कार्यक्रम न केवल राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने वाला रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और प्रेरणा का माध्यम भी बना।

