फरीदाबाद, 19 फरवरी 2026
जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत फरीदाबाद पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित दवा अल्प्राजोलम की 870 टैबलेट्स बरामद की हैं। क्राइम ब्रांच डीएलएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी राहुल भाटी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना सदर बल्लभगढ़ में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 18 फरवरी को क्राइम ब्रांच डीएलएफ की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि एक व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली गोलियों की अवैध बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और बताए गए स्थान पर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान आरोपी राहुल भाटी, निवासी गांव छांयसा, फरीदाबाद को दयालपुर गांव क्षेत्र से काबू किया गया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 870 प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट्स बरामद हुईं। बरामद गोलियों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
अल्प्राजोलम एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जिसका उपयोग आमतौर पर चिंता (एंग्जायटी) और अनिद्रा जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में किया जाता है। लेकिन इसका दुरुपयोग नशे के रूप में भी किया जाता है, जिसके कारण यह एनडीपीएस अधिनियम के तहत नियंत्रित श्रेणी में आती है। बिना वैध लाइसेंस या चिकित्सकीय अनुमति के इसका भंडारण और बिक्री करना कानूनन अपराध है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह यह गोलियां दिल्ली से लगभग 3000 रुपये में खरीदकर लाया था और स्थानीय स्तर पर बेचने की योजना बना रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किस नेटवर्क से जुड़ा है और उसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री युवाओं के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। इस प्रकार की दवाएं मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं और लत लगने की संभावना भी बढ़ जाती है।
गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर सप्लाई चेन और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाएगी।
फरीदाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। विभिन्न अपराध शाखाओं और थाना स्तर की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय रखें और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखें।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास प्रतिबंधित दवाओं या नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्प्राजोलम जैसी दवाओं का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है, खासकर युवाओं के बीच। इसलिए प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि इस पर रोक लगाने के लिए जागरूकता और सख्ती दोनों अपनाई जाएं।
फरीदाबाद पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि अवैध नशा कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि समाज को नशामुक्त और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके।

