फरीदाबाद, 17 फरवरी 2026
इस हफ्ते गुजरात के युवाओं को फरीदाबाद की सांस्कृतिक धरोहर और विविधता का अनुभव करने का खास मौका मिला।
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के तहत “मेरा युवा भारत” फरीदाबाद ने 12 से 16 फरवरी 2026 तक एक पांच दिवसीय अंतरराज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का सफल आयोजन किया।
इस कार्यक्रम ने दो राज्यों के युवाओं को एक साझा मंच दिया और यह राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।
राजस्थान भवन, सेक्टर-10, फरीदाबाद में प्रतिभागियों के लिए भोजन और आवास की बेहतरीन व्यवस्था की गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, सुरक्षा और सुविधाओं का खास ध्यान रखा गया, ताकि दूर-दराज से आए प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना प्रतिभागियों और मेहमानों दोनों ने की।
मेरा युवा भारत की जिला युवा अधिकारी प्रियंका मलिक ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें देश की विविध सांस्कृतिक धरोहर से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि इस अंतरराज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम से युवाओं का दृष्टिकोण व्यापक होता है और उनमें राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सहिष्णुता, और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
कार्यक्रम के दौरान, गुजरात से आए युवा प्रतिभागियों को फरीदाबाद और उसके आस-पास के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का दौरा कराया गया। प्रतिभागियों ने मोहफताबाद के झरना मंदिर का दर्शन किया, जहां उन्हें स्थानीय आस्था और परंपराओं के बारे में जानकारी मिली। इसके अलावा, विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला भी दिखाया गया, जहां देश-विदेश से आए शिल्पकारों की कला और हस्तशिल्प ने युवाओं को आकर्षित किया। मेले में भारतीय लोक संस्कृति, हस्तकला, पारंपरिक वेशभूषा और क्षेत्रीय व्यंजनों की विविधता ने प्रतिभागियों को भारतीय सांस्कृतिक एकता की झलक दिखाई।
युवाओं को शहर के प्रमुख मंदिरों, प्राकृतिक सौंदर्य से भरी बढ़कल झील, ओम शांति केंद्र, और सतयुग दर्शन ज्ञान केंद्र भूपानी का भी दौरा कराया गया। इन स्थलों पर उन्हें अध्यात्म, ध्यान और मानसिक शांति के महत्व के बारे में बताया गया। बढ़कल झील का शांत वातावरण युवाओं को पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत कई शैक्षणिक और वैचारिक सत्र भी आयोजित किए गए। इनमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने युवाओं का मार्गदर्शन किया। डॉ. एम.पी. सिंह, सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक एम.पी. शर्मा, एनएसएस प्रभारी डॉ. रचना सैनी, और रेड क्रॉस सोसायटी के दर्शन भाटिया ने राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की जिम्मेदारियों और संभावनाओं पर भी बात की।
विशेष रूप से प्राथमिक चिकित्सा पर आयोजित सत्र में युवाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता देने के तरीके बताए गए। विशेषज्ञों ने साझा किया कि सड़क दुर्घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं, या अन्य आकस्मिक घटनाओं में प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान कई जीवन बचा सकता है। इस सत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे प्रतिभागियों में आत्मविश्वास बढ़ा।
योग और आयुर्वेद पर आयोजित सत्र में प्रसिद्ध योगी एवं आयुर्वेदाचार्य राजेश भाटी ने युवाओं को दैनिक जीवन में योग को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग और आयुर्वेद एक संतुलित और स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। प्रतिभागियों ने प्रातःकालीन योगाभ्यास में उत्साह से भाग लिया और विभिन्न आसनों एवं प्राणायाम की विधियों को सीखा।
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक आदान-प्रदान रहा। गुजरात और फरीदाबाद के युवाओं ने अपनी बोलचाल की भाषा, पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान, रीति-रिवाज और खेलों की जानकारी साझा की। इस संवाद ने आपसी समझ को बढ़ाया और सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत किया।
गुजरात से आए प्रतिभागियों ने गुजराती लोकनृत्य और लोकगीत प्रस्तुत किए, जिन्हें दर्शकों ने बहुत सराहा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे युवाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में जीवन्तता और उल्लास भर दिया। वहीं, फरीदाबाद के युवाओं ने भी हरियाणवी संस्कृति की झलक पेश की और अपने मेहमानों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों की भावनाएं स्पष्ट थीं। पांच दिनों में बने मित्र संबंध और साझा अनुभव उन्हें भावुक कर गए। कई प्रतिभागियों ने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की महत्वपूर्ण यादों में शामिल रहेगा। उन्होंने आयोजन की अच्छी व्यवस्थाओं, भोजन की गुणवत्ता और आवास की सुविधाओं की खुलकर प्रशंसा की।
समापन समारोह में मेरा युवा भारत हरियाणा की राज्य निदेशक श्रीमती पूनम शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम देश की एकता और युवाओं के समग्र विकास के लिए बेहद ज़रूरी हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से मिले फीडबैक को भविष्य के कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण कहा और ऐसे आयोजनों को लगातार रखने का आश्वासन दिया।
इस पांच दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में मेरा युवा भारत फरीदाबाद की टीम और स्वयंसेवकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। स्वयंसेवकों जैसे देवानंद, कृपण, संजना, वंदना, हिमांशु, दीपक कुमार शर्मा, राहुल, विपिन, और अन्य सदस्यों ने व्यवस्थाओं, समन्वय और प्रतिभागियों के मार्गदर्शन में सक्रियता से योगदान दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन मेरा युवा भारत फरीदाबाद के लेखाकार राजेंद्र कुमार शर्मा ने प्रभावशाली तरीके से किया।
अंतरराज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम ने साबित किया है कि जब देश के अलग-अलग हिस्सों के युवा एक साथ आते हैं, तो वे न केवल संस्कृति और परंपराओं का आदान-प्रदान करते हैं, बल्कि एक मजबूत और विकसित भारत की नींव भी रखते हैं। फरीदाबाद में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ, जिसने उन्हें राष्ट्रीय मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। जब अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, और परंपराओं के लोग एक मंच पर मिलते हैं, तो आपसी समझ और सम्मान की भावना स्वाभाविक रूप से विकसित होती है। यही भावना देश को एकता के सूत्र में बांधती है और भविष्य के भारत के लिए मजबूती प्रदान करती है।

