फरीदाबाद, 18 जनवरी 2026
आज जिले में शहरी विकास और वायु गुणवत्ता सुधार से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा करने के लिए 9वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक हुई। यह बैठक लघु सचिवालय के सभागार में हुई, जिसकी अध्यक्षता शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने की। इसमें फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) के सीईओ जे. गणेशन, एडीसी सतबीर मान और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना, अमृत योजना, शहरी परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, आवास विकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित योजनाओं की गहराई से चर्चा की गई। खासकर वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण मानकों के पालन पर गंभीर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री कार्यालय की मॉनिटरिंग
प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अब भारत सरकार द्वारा अधिक सक्रिय और पेशेवर तरीके से काम कर रहा है। पहले यह केवल सलाह और दिशा-निर्देश देता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर वन-टू-वन बातचीत के जरिए सक्रिय निगरानी की जा रही है।
सोनीपत, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा जैसे शहरों ने अपने सिटी एक्शन प्लान तैयार किए हैं। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं, खासकर प्रदूषण की रोकथाम के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय में भी नज़र रखी जा रही है। यह दिखाता है कि वायु गुणवत्ता सुधार को राष्ट्रीय प्राथमिकता मिली है।
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम की प्राथमिकताएं
बैठक में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत फंडिंग, उपयोग प्रमाण पत्र (यूसी) सबमिशन और तकनीकी मुद्दों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को कहा गया कि लंबित निधियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें।
ग्रीन बेल्ट विकास और मैकेनिकल रोड स्वीपिंग को प्राथमिकता दी गई। शहर में धूल को कम करने के लिए रोड स्वीपिंग मशीनों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ग्रेप (GRAP) के अंतर्गत दैनिक रिपोर्टिंग, पेनल्टी और एक्शन रिपोर्ट्स नियमित रूप से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी जा रही हैं।
जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाएं
जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 100 एमएम की जलापूर्ति लाइन का काम चल रहा है, और इसे मार्च से पहले पूरा करने की योजना है। बाकी रैनी वेल्स को मार्च-अप्रैल 2026 तक चालू करने की योजना है।
माइक्रो-एसटीपी और ट्रीटेड वाटर के पुनः उपयोग पर ध्यान दिया जा रहा है। उपचारित जल का इस्तेमाल रोड स्प्रिंकलिंग और पार्कों की सिंचाई में किया जा रहा है। इसके अलावा, चार और रैनी वेल्स दिसंबर 2026 तक और पांच रैनी वेल्स 15 जून 2027 तक पूरे किए जाने की योजना है। लंबित टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का आदेश भी दिया गया है।
सड़क और निर्माण कार्यों की समीक्षा
गांव फतेहपुर-चांदिला में सड़क और सीवरेज निर्माण कार्यों की जानकारी दी गई। सीवरेज का काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है, और प्रस्तावित सड़क निर्माण भी शुरू हो चुका है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बाकी का काम समय पर पूरा करें।
जेवर-फरीदाबाद रोड परियोजना
बैठक में जेवर-फरीदाबाद रोड की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि एलिवेटेड हिस्से का लगभग 45 प्रतिशत काम हो चुका है। जेवर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक का कार्य जून-जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष रखा गया है, और पूरी परियोजना का लक्ष्य अप्रैल 2027 है।
डीएनडी-फरीदाबाद सेक्शन के अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
सड़क मरम्मत कार्यक्रम और ‘म्हारी सड़क’ ऐप
प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि शहर में सभी सड़कें ठीक करें। ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर आने वाली शिकायतों का जल्द निपटारा किया जाए। नागरिकों को इस ऐप के इस्तेमाल के लिए जागरूक करने पर भी बल दिया गया।
समन्वय और पारदर्शिता पर जोर
बैठक के अंत में, डी.एस. ढेसी ने सभी विभागों को समन्वय में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं का समय पर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन जरूरी है। जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, उनकी नियमित समीक्षा होनी चाहिए।
इस बैठक में डिविजनल कमिश्नर संजय जून, नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, एडीसी सतबीर मान और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
यह बैठक शहरी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ वायु गुणवत्ता सुधार, जल प्रबंधन और शहरी अवसंरचना के विकास के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। प्रधानमंत्री कार्यालय से हो रही मॉनिटरिंग से साफ है कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की उच्च प्राथमिकता है, और फरीदाबाद में चल रही परियोजनाएं इसी दिशा में आगे बढ़ाई जा रही हैं।

