संवाददाता – Ambika Prasad Ojha (Journalist)
फरीदाबाद में वाहन चोरी और उसमें रखे कीमती सामान की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अपराध शाखा सेक्टर-85 की टीम ने गाड़ी का शीशा तोड़कर लैपटॉप चोरी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरफ्तारी न केवल एक मामले के खुलासे तक सीमित है, बल्कि इससे शहर में हुई तीन अलग-अलग चोरी की वारदातों का भी खुलासा हुआ है।
यह मामला सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी गाड़ियों की सुरक्षा और नागरिकों की सतर्कता से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर पुलिस ने जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया।
क्या है पूरा मामला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीयूष नामक व्यक्ति, जो फरीदाबाद के सेक्टर-82 क्षेत्र का निवासी है, ने थाना बी.पी.टी.पी. में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने अपनी कार को वर्ल्ड स्ट्रीट, सेक्टर-81, फरीदाबाद के पास खड़ा किया था। कुछ समय बाद जब वह वापस लौटा, तो उसने देखा कि उसकी गाड़ी का शीशा टूटा हुआ था और अंदर रखा लैपटॉप चोरी हो चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और शिकायत के आधार पर चोरी की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अपराध शाखा सेक्टर-85 की जांच और कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी अपराध शाखा सेक्टर-85 को सौंपी गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनके आधार पर दो संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान—
दीपक, निवासी राजा की मंडी, सेक्टर-11, आगरा (उत्तर प्रदेश), हाल निवासी सूरदास कॉलोनी, फरीदाबाद
रोहित, निवासी भूपानी, फरीदाबाद
के रूप में हुई है।
दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया गया और उनसे विस्तार से पूछताछ की गई।
पूछताछ में हुए अहम खुलासे
पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपियों ने मिलकर गाड़ी का शीशा तोड़कर लैपटॉप चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सार्वजनिक स्थानों पर खड़ी उन गाड़ियों को निशाना बनाते थे, जिनमें अंदर से कीमती सामान दिखाई देता था।
इसके अलावा पूछताछ में यह भी सामने आया कि दीपक और रोहित इससे पहले भी फरीदाबाद में तीन चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस अब इन मामलों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान—
चोरी किए गए सामान की बरामदगी
अन्य संभावित वारदातों की जानकारी
चोरी के तरीकों और नेटवर्क की जांच
जैसे बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक स्थानों पर गाड़ी खड़ी करने वालों के लिए चेतावनी
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाती है कि सार्वजनिक स्थानों, मॉल, मार्केट या ऑफिस परिसरों में गाड़ी खड़ी करते समय नागरिकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। पुलिस के अनुसार—
गाड़ी के अंदर लैपटॉप, बैग या अन्य कीमती सामान खुला न छोड़ें
पार्किंग करते समय सुरक्षित और अधिकृत स्थान का चयन करें
सीसीटीवी निगरानी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दें
अक्सर चोरी की घटनाएं इसी कारण होती हैं कि वाहन के अंदर रखा सामान बाहर से दिखाई देता है।
शहर में चोरी की घटनाओं पर पुलिस की रणनीति
फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी और उससे जुड़े मामलों पर नियंत्रण के लिए—
अपराध शाखाओं द्वारा विशेष निगरानी
तकनीकी साधनों का उपयोग
संदिग्धों की पहचान और त्वरित कार्रवाई
की जा रही है। पुलिस लगातार ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों को चिन्हित कर कानून के तहत कार्रवाई कर रही है।
हालांकि, पुलिस यह भी मानती है कि नागरिकों की सतर्कता के बिना अपराधों पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि—
चोरी किया गया लैपटॉप कहां बेचा गया या छिपाया गया
क्या आरोपियों का कोई संगठित गिरोह से संबंध है
क्या अन्य जिलों में भी इस तरह की वारदातें की गई हैं
जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
निष्कर्ष
गाड़ी का शीशा तोड़कर लैपटॉप चोरी करने के मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी फरीदाबाद पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है। इस कार्रवाई से न केवल एक चोरी का मामला सुलझा है, बल्कि शहर में हुई अन्य चोरी की घटनाओं के सुराग भी मिले हैं। यह घटना आम नागरिकों के लिए भी एक संदेश है कि वे अपने वाहनों और कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

