फरीदाबाद 24-02-25
फरीदाबाद में आगामी बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष सुरक्षा प्रबंध लागू किए हैं। उपायुक्त एवं जिलाधीश आयुष सिन्हा द्वारा परीक्षा अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत विशेष आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि परीक्षाओं से जुड़े इस संवेदनशील समय में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा 25 फरवरी से 1 अप्रैल 2026 तक सेकेंडरी (रेगुलर/री-अपीयर/एजुकेशनल), सीनियर सेकेंडरी (रेगुलर/री-अपीयर/एजुकेशनल) तथा डीएलएड प्रथम एवं द्वितीय वर्ष (री-अपीयर) की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। सभी परीक्षाएं निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 12:30 बजे से 3:30 बजे तक संचालित होंगी। जिले में विभिन्न स्थानों पर परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधीश द्वारा जारी आदेशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान अनावश्यक भीड़ और बाहरी हस्तक्षेप को रोकना है। परीक्षा केंद्रों के आसपास शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क निगरानी रखें और आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
नकल रोकने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोकॉपी और फोटोस्टेट दुकानों के संचालन पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के कॉपिंग उपकरणों के उपयोग या वितरण पर भी प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा अवधि के दौरान इन आदेशों की सख्ती से निगरानी की जाएगी।
जारी आदेशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र या अन्य चोट पहुंचाने वाले हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं चल सकेगा। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास नारेबाजी, धरना-प्रदर्शन, जुलूस निकालने या भीड़ एकत्रित करने जैसी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। प्रशासन का कहना है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य विद्यार्थियों को शांत और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें।
उपायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि परीक्षाएं विद्यार्थियों के भविष्य से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षा केंद्रों पर नियमित निरीक्षण करें और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों और ड्यूटी स्टाफ की जांच सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने परीक्षा अवधि के दौरान फ्लाइंग स्क्वॉड की सक्रियता पर भी जोर दिया है। उड़न दस्ते आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और नकल या अन्य अनुचित गतिविधियों की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर परीक्षा संचालन को सुचारू बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के बीच नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधीश द्वारा जारी आदेश 25 फरवरी से 1 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेंगे। यदि कोई व्यक्ति इन आदेशों की अवहेलना करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों, विद्यार्थियों और आमजन से अपील की है कि वे परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन में सहयोग करें। विद्यार्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। अभिभावकों से भी आग्रह किया गया है कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि वे परीक्षा से पूर्व सभी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पुष्टि करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और संपर्क व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है।
इस प्रकार जिला प्रशासन ने बोर्ड परीक्षाओं के सफल और निष्पक्ष संचालन के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था लागू की है। धारा-163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को रोकना है। प्रशासन ने दोहराया है कि विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

