संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)
फरीदाबाद के सेक्टर-12 खेल परिसर में आयोजित जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता 2025-26 ने महिलाओं की खेल प्रतिभा, आत्मविश्वास और ऊर्जा का जीवंत प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर यह सिद्ध कर दिया कि खेल केवल पुरुषों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिलाएं भी हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
यह आयोजन उपायुक्त आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में तथा महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें खेल गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करना रहा।
महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में पहल
जिला कार्यक्रम अधिकारी मीनाक्षी चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष महिला खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन इसलिए किया जाता है ताकि महिलाएं घर की सीमाओं से बाहर निकलकर अपने कौशल को पहचान सकें। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर दिया जाता है। इससे महिलाओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित होती है और वे निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होती हैं।
दो आयु वर्गों में हुआ आयोजन
इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया था। पहला वर्ग 18 से 30 वर्ष की महिलाओं का और दूसरा वर्ग 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं का रखा गया। दोनों वर्गों में अलग-अलग खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, ताकि हर आयु की महिलाएं अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भाग ले सकें।
18 से 30 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के लिए 300 मीटर और 400 मीटर दौड़, 5 किलोमीटर साइकिल रेस जैसी शारीरिक क्षमता पर आधारित प्रतियोगिताएं रखी गईं। वहीं 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए म्यूजिकल चेयर, डिस्कस थ्रो और 100 मीटर दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया।
उत्साहपूर्ण माहौल और अनुशासित आयोजन
प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी मीनाक्षी चौधरी द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। पूरे खेल परिसर में अनुशासन, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने खेल भावना का परिचय देते हुए एक-दूसरे का उत्साहवर्धन किया और खेलों का आनंद लिया।
इस आयोजन में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतियोगिता को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने-अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया।
विभिन्न खेलों के परिणाम
प्रतियोगिता के अंत में विभिन्न खेलों के विजेताओं की घोषणा की गई। डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में पूजा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सोनिया दूसरे और मीना रानी तीसरे स्थान पर रहीं। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में कोमल ने पहला स्थान हासिल किया, कुसुम दूसरे और मधु तीसरे स्थान पर रहीं।
400 मीटर दौड़ में प्राची प्रथम, वंशिका द्वितीय और छाया तृतीय स्थान पर रहीं। 100 मीटर दौड़ में भारती ने पहला, सुदेश ने दूसरा और सुमित्रा देवी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। 300 मीटर दौड़ में दृष्टि ने प्रथम, दिशा भड़ाना ने द्वितीय और मोनिका ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं साइकिल रेस में चंचल ने प्रथम, अंशिका ने द्वितीय और रीमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
खेल विभाग का सहयोग
इस प्रतियोगिता के आयोजन में खेल विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। खेल विभाग से आए तीन प्रशिक्षकों के साथ श्री बालकिशन भाटिया द्वारा सभी खेल प्रतियोगिताओं का तकनीकी संचालन किया गया। उनके मार्गदर्शन में खेल नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया और प्रतियोगिता को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया गया।
विजेताओं को मिला सम्मान
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर सभी विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रोत्साहन प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को 4100 रुपये, द्वितीय स्थान वालों को 3100 रुपये और तृतीय स्थान वालों को 2100 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए सराहा गया।
महिलाओं के लिए खेलों का महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिताएं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होती हैं। इससे न केवल उनका शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि सामाजिक सहभागिता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। ग्रामीण और शहरी महिलाओं को एक समान मंच मिलना सामाजिक समरसता को भी मजबूत करता है।
निष्कर्ष
सेक्टर-12 खेल परिसर में आयोजित जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता 2025-26 महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल रही। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की क्षमता रखती हैं, बस उन्हें अवसर और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। खेल के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की यह पहल आने वाले समय में और अधिक प्रभावी परिणाम देने की उम्मीद जगाती है।
