फरीदाबाद, 19 फरवरी 2026
पुलिस पार्टी पर हमला कर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिस कर्मियों को चोटिल करने के मामले में थाना भूपानी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को काबू किया है। यह घटना 18 फरवरी की रात की है, जब एक पारिवारिक रंजिश के चलते शुरू हुआ विवाद पुलिस पर हमले तक पहुंच गया। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, 18 फरवरी की रात थाना भूपानी में एक महिला शिकायत लेकर पहुंची। महिला ने पुलिस को बताया कि उसका पूरा परिवार बेटे की शादी के सिलसिले में बारात में गया हुआ है। इसी बीच पड़ोसियों से चल रही पुरानी रंजिश के कारण कुछ लोगों ने उनके घर पर हमला कर दिया। शिकायत में बताया गया कि पड़ोसी रोहताश, आकाश, रोहित, ओमवती, महावीरी और अन्य लोग लाठी-डंडों और फरसे जैसे हथियारों के साथ उनके घर पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी।
महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना भूपानी की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और मामले की जांच के लिए पूछताछ शुरू की। लेकिन पूछताछ के दौरान ही आरोपी पक्ष के घर से कुछ पुरुष और महिलाएं लाठी-डंडों के साथ बाहर आए और पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया।
बताया गया है कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस कर्मचारियों को धक्का-मुक्की की और लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। पुलिस कर्मियों को हल्की चोटें आईं, जिसके बाद स्थिति को संभालते हुए अतिरिक्त बल को मौके पर बुलाया गया।
घटनाक्रम के संबंध में थाना भूपानी में उप निरीक्षक देशराज की शिकायत पर संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने हमले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुख्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए दबिश दी।
थाना भूपानी की टीम ने कार्रवाई करते हुए रोहताश उर्फ तोता, आकाश उर्फ लीलू और रोहित उर्फ भोला निवासी पुरानी भूपानी को काबू कर लिया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि तीनों आरोपी सेना में कार्यरत हैं और छुट्टी लेकर अपने गांव आए हुए थे। पुलिस के अनुसार, इनका पड़ोसी राजपाल और उसके परिवार के साथ पुराना विवाद चला आ रहा है। 18 फरवरी को राजपाल के परिवार में शादी समारोह था और अधिकांश सदस्य बारात में गए हुए थे। घर पर केवल महिलाएं मौजूद थीं। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपियों ने कथित तौर पर घर में घुसकर महिलाओं के साथ झगड़ा और मारपीट की।
जब पुलिस टीम गांव में पहुंचकर पूछताछ करने लगी तो आरोपियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पुलिस पर भी हमला कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिस पर हमला करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था, जिसे पुलिस ने सतर्कता और अतिरिक्त बल की सहायता से नियंत्रित किया। स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पार्टी पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
साथ ही पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय प्रशासन की सहायता लें। पारिवारिक या पड़ोसी विवाद को हिंसक रूप देना न केवल सामाजिक शांति को भंग करता है, बल्कि गंभीर कानूनी परिणाम भी सामने ला सकता है।
मामले की आगे की जांच जारी है। अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि कानून का राज कायम रहे और नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।

