फरीदाबाद, 20 फरवरी 2026
जिला फरीदाबाद में जनशिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) सतबीर मान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायत निस्तारण प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत और संतुष्टि मिले।
हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाधान शिविर, सीएम विंडो, एसएमजीटी पोर्टल तथा जनसंवाद पोर्टल पर लंबित शिकायतों की प्रगति का आकलन करना था। इस उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद जिला स्तर पर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए विस्तृत बैठक आयोजित की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत एडीसी सतबीर मान ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान शिविर, सीएम विंडो, एसएमजीटी पोर्टल और जनसंवाद पोर्टल पर लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपने पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की अद्यतन जानकारी रखे और उनकी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करे।
एडीसी ने कहा कि शिकायत निवारण प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की नींव है। यदि शिकायतों का समाधान समय पर और संतोषजनक ढंग से नहीं होगा तो आमजन का विश्वास कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और जिन मामलों का समाधान हो चुका है, उन्हें संबंधित पोर्टल से समयबद्ध रूप से हटाया जाए। इससे लंबित मामलों के आंकड़ों में पारदर्शिता बनी रहेगी और वास्तविक पेंडेंसी पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कई शिकायतें बहु-विभागीय प्रकृति की होती हैं। ऐसे मामलों में एक ही विभाग द्वारा समाधान संभव नहीं होता। एडीसी सतबीर मान ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए और संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से शिकायतों का निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण किसी भी शिकायत को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत निवारण केवल पोर्टल पर ‘क्लोज’ दिखाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतकर्ता को वास्तव में राहत मिली है या नहीं। यदि आवश्यकता हो तो शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि समाधान की गुणवत्ता का आकलन किया जा सके।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक सप्ताह लंबित मामलों की समीक्षा करें और जिन मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है, उनके लिए जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से सीधे जनता से संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सकता है।
आमजन से अपील करते हुए एडीसी सतबीर मान ने कहा कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार और वीरवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक जिला स्तर पर लघु सचिवालय तथा उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविरों में पहुंचें और प्रशासन से सीधे संवाद कर अपनी शिकायतों का निस्तारण कराएं।
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल पोर्टलों के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया सरल हुई है, लेकिन उसके प्रभावी निस्तारण के लिए विभागीय सतर्कता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। सीएम विंडो, एसएमजीटी और जनसंवाद जैसे पोर्टल सरकार की पारदर्शी और उत्तरदायी शासन प्रणाली का हिस्सा हैं, जिनके माध्यम से आमजन सीधे प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।
बैठक में बड़खल एसडीएम त्रिलोक चंद, फरीदाबाद एसडीएम अमित कुमार, बल्लभगढ़ एसडीएम मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित लंबित शिकायतों की स्थिति की जानकारी दी और शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आगामी दिनों में लंबित शिकायतों की स्थिति पर पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि किसी विभाग द्वारा लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिला प्रशासन का यह प्रयास शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान न केवल प्रशासन की कार्यकुशलता को दर्शाता है, बल्कि नागरिकों में विश्वास और संतुष्टि भी बढ़ाता है।
फरीदाबाद में आयोजित यह समीक्षा बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार और जिला प्रशासन जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर गंभीर हैं और आमजन को त्वरित न्याय और राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

