Spread the love

 

– आमजन को गर्मी और हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए एहतियात बरतना बेहद जरूरी

– गर्मी में तरल पदार्थों का करें अधिक सेवन

– आमजन इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति पर भी दें ध्यान, नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति के लिए सबसे अच्छा तरीका

फरीदाबाद, 11 जून। गर्मी के मौसम में बढ़े हुए तापमान से हीट स्ट्रोक व लू (हीट वेव) लगने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषकर धूप में ज्यादा घूमने वालों, खिलाडिय़ों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को हीट स्ट्रोक व लू लगने का डर ज्यादा रहता है। हीट स्ट्रोक और लू लगने पर उसके इलाज से बेहतर है, हम इनसे बचे रहें यानी बचाव इलाज से बेहतर है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जनहित में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसका सभी पालन करते हुए हीट स्ट्रोक व हीट वेव से बचाव करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा बनाए रखें।

आमजन हीट स्ट्रोक और हीट वेव से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय :

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष ने आमजन से आह्वान किया कि प्रशासन की ओर से जारी की गई एडवाइजरी की पालना करें और हीट स्ट्रोक व हीट वेव से बचे रहें। हीट स्ट्रोक व हीट वेव से बचाव के लिए स्थानीय मौसम संबंधी खबरों के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, समाचार पत्र पढ़ें। गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, अपना सिर ढककर रखें, कपड़े, टोपी या छाते का उपयोग करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन), घर में बने पेय जैसे लस्सी, छाछ, मठा, नींबू पानी आदि का सेवन कर तरोताजा रहें। पार्किंग के समय बच्चों को वाहनों में छोडक़र न जाएं, उन्हें हीट स्ट्रेक व हीट वेव लगने का खतरा हो सकता है, नंगे पांव बाहर न जाएं, गर्मी से राहत के लिए हाथ का पंखा अपने पास रखें, काम के बीच में थोड़ा-थोड़ा विश्राम लें, खेत खलिहान में काम कर रहे हैं तो समय-समय पर पेड़ या छाया में ही आसरा लें। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन ना करें। ताजे फल, सलाद तथा घर में बना खाना खाएं। खासतौर से दोपहर 12 बजे से सायं 3 बजे के बीच धूप में सीधे ना जाएं।

उपायुक्त ने बताया कि बढ़ती गर्मी में वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों की विशेष देखभाल करें, तेज गर्मी, खासतौर से जब वे अकेले हों तो कम से कम दिन में दो बार उनकी जांच अवश्य करें। ध्यान रहे कि उनके पास फोन हो, यदि वे गर्मी से बेचैनी महसूस कर रहे हों तो उन्हें ठंडक देने का प्रयास करें, उनके शरीर को गीला रखें, उन्हें नहलाएं अथवा उनकी गर्दन तथा बगलों में गीला तौलिया रखें, उनके शरीर को ठंडक देने के साथ साथ डॉक्टर अथवा एम्बुलेंस को बुलाएं, उन्हें अपने पास हमेशा पानी की बोतल रखने के लिए कहें।

गर्मियों में तरल पदार्थों का करें अधिक सेवन :

उपायुक्त ने बताया कि हीट स्ट्रोक से बचने और डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। गर्मियों में शरीर से पसीने के रूप में बहुत सारा पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस कमी को पूरा करने के लिए सभी लोगों को भरपूर मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है। गर्मियों में चूंकि शरीर से अत्यधिक पानी निकल जाता है इसलिए सभी लोगों को आधे से एक लीटर अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है।

इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति पर भी दें ध्यान :

उपायुक्त ने बताया कि गर्मी में व्यक्ति को खूब पानी पीने के साथ-साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए अन्य तरल पदार्थ भी पीने चाहिए। उन्होंने कहा कि दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं। नींबू पानी में थोड़ा नमक और चीनी डालकर पीने से शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है। नारियल पानी पीना इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति के लिए सबसे अच्छा तरीका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *