– हिंद की चादर धन धन श्री गुरु तेग बहादुर के 350 वें शहीदी वर्ष पर शुक्राना सभा का आयोजन

फरीदाबाद। गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी वर्ष पर सामूहिक नमन करने के लिए गुरु तेग बहादुर 350 साला शहादत स्मरण आयोजन समिति,
भारत विकास परिषद, भारत सेवा प्रतिष्ठान एवं सर्व समाज ने शुक्राना सभा का आयोजन किया। सेक्टर 10 स्थित राजस्थान भवन में किया गया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद के जिला समन्वयक संदीप मित्तल ने गुरु तेग बहादुर की शहादत को स्मरण करते हुए शुक्राना सभा में आए सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं परिषद द्वारा समाज के लिए किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया जिसने प्रमुख रूप से सेक्टर 8 में स्थित अत्याधुनिक डाक्टर सूरज प्रकाश आरोग्य केंद्र है जिसमें बहुत ही कम दामों पर आम जन के लिए  उत्तम इलाज की व्यवस्था है।

कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए दीपक अग्रवाल ने बताया कि यह सभा हिन्दू धर्म एवं मानवाधिकारों  की रक्षा के लिए दी गई  गुरु तेग बहादुर की शहादत को स्मरण एवं नमन करने के लिए आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर भाई दीदार सिंह जी, हजूरी रागी, गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा सेक्टर 15 जी ने बताया कि किस प्रकार मोहम्मद बिन कासिम ने भारत में प्रवेश किया और समाज के संगठित न होने के कारण केवल 4/5 हजार लुटेरों के गिरोह के साथ आया और भारी लूटपाट की और अत्याचार किए। उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर की शहादत से समाज में एक  जागृति आई और जब औरंगजेब मस्जिद मैं जा रहा था तो एक नवयुवक ने उस पर डंडा फेंक कर मारा। गुरु साहिब ने बताया कि किस प्रकार हम सारी मानवता हम एक परिवार की तरह जी सकते है तथा कैसे हम इस दुनिया को स्वर्ग में तब्दील कर सकते है। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास को स्कूलों के पाठ्यक्रम में उचित स्थान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि हम गुरुद्वारों की चारदीवारी से बाहर निकल कर गुरुओं की वाणी का पूरे समाज में प्रचार करना चाहिए। भाई सुरिंदर सिंह, गुरमत प्रचारक ने बताया कि शहादत का मतलब कि जो अपने हक और सच के लिए खड़ा रहता है। शहीद के सामने एक से अधिक विकल्प होते है। वह बच भी सकता और शहीद भी हो सकता है, परंतु वह शहीद होने का विकल्प चुनता है। परंपराएं हमे सदैव नींद देती बेहोशी देती हैं और हम कभी भी बदलाव/क्रांति नहीं कर सकते, जो ज्ञान के साथ जुड़ेगा जो सच के साथ जुड़ेगा वही बदलाव/क्रांति ला सकता है। हजारों साल हम इन्ही परंपराओं के कारण गुलाम रहे। गुरु साहिब ने जब हमें इंसानियत के लिए जगाया तो बंदा बैरागी योद्धा भी बंदा सिंह बहादुर बन गए और जुल्म के खिलाफ युद्ध किया। सरदार सुरेंद्र सिंह ओबेरॉय, प्रख्यात लेखक ने सिख इतिहास के बारे में बताया।

उन्होंने बताया कि गुरु साहब ने कहा था ना हम डरेंगे ना डराएंगे। साथ ही राज कुमार अग्रवाल, राष्ट्रीय संयोजक, भारत विकास परिषद की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रभजीत कौर ने गुरु तेग बहादुर पर एक बहुत ही भावनात्मक कविता सुनाई। कार्यक्रम में भारतीय सेवा प्रतिष्ठान के चेयरमैन श्रीकृष्ण सिंघल ने  गुरु तेग बहादुर की शहादत के इतिहास को बताया कि किस प्रकार भाई मतिदास, भाई सती दास एवं भाई दयाला की शहादत हुई । अगर वहां पर मौजूद हजारों की भीड़ ने एक एक पत्थर उठा कर मारा होता तो शायद हमारा इतिहास कुछ अलग ही होता।उन्होंने माता गुजरी की सेवा उनके त्याग को बताया और तथा कहा कि सब महिलाएं को माता गुजरी की कथा अवश्य पढ़नी चाहिए।

भारत विकास परिषद की केशव शाखा के अध्यक्ष महेश शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद किया। श्री गुरु तेग बहादुर 350 साला शहादत स्मरण आयोजन समिति के अरुण वालिया ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर के हम सदैव ऋणी रहेंगे जिनकी शहादत के कारण सनातन धर्म आज भी जीवित है।उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम हम भविष्य मैं भी करते रहेंगे जिस से आम जन को भी गुरु साहिब की शहादत के बारे में पता चल सके। हमें गुरुओं की वाणी उनकी शिक्षाओं को अवश्य सुनना चाहिए और  उन्हें अपने जीवन मे उतारना चाहिए।

शुकराना सभा में शहर के विभिन्न गुरुद्वारों, मंदिरों  एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे। विशेष आमंत्रित सरदार हरप्रीत सिंह बांगा, सरदार रविन्द्र सिंह भुर्जी, सरदार कुलदीप सिंह साहनी, पार्षद एवं समाजसेवी रहे। उद्योगपति अजय जुनेजा, सरदार इंद्रजीत सिंह सेक्टर 15 गुरुद्वारा साहिब, सचिन शर्मा, पार्षद, विश्व हिंदू परिषद के कालिदास गर्ग, बिजेंद्र कबीर, समन्वय मंदिर से महेश बांगा, सरदार सुखदेव सिंह, सरदार अमृतपाल कौछर, वीर भान, संजय अरोरा, अविनाश कौर पाली, अध्यक्ष 21 सी गुरुद्वारा साहिब, दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका बहन सीमा शर्मा, पाकिस्तान सिंध से आए सिख शरणार्थी भाई नानक सिंह, सुनील दिवाकर, जनरल मैनेजर बीएचईल, डॉक्टर हेमंत अत्री, अमर बंसल, दीपक ठुकराल, संजय कटियार एवं अन्य गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

श्री गुरु सिंह सभा सेक्टर 15 की प्रधान राणा कौर भट्टी एवं उनकी पूरी टीम का विशेष सहयोग मिला। भारत विकास परिषद, केशव शाखा से कार्यक्रम सूत्रधार रहे मनीष मित्तल, श्वेता शांडिल्य, राजेश शर्मा, सरदार सतेंद्र सिंह छाबड़ा एवं डॉक्टर महेंद्र गुप्ता, सरदार गुरमीत सिंह द्वारा गुरु साहिब से संबंधित पुस्तकों की निःशुल्क स्टाल लगाई। शुकराना सभा के उपरांत लंगर प्रसाद की व्यवस्था रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

फरीदाबाद दर्शन एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पोर्टल है, जो फरीदाबाद व आसपास के क्षेत्रों की ताज़ा, सत्य और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक पहुँचाता है। हमारा उद्देश्य स्थानीय समाचारों को विश्वसनीय और जिम्मेदार तरीके से प्रस्तुत करना है।

Contact

📍 Faridabad, Haryana
📧 Email: dishuojha707@gmail.com
📞 Phone: +91 9891990785, +91 9540702609

© 2026 Faridabad Darshan — All Copyrights Reserved
Made with ❤️ by Divyanshu Ojha (Journalist)