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(सुभाष श्रीवास्तव)

अभी हाल ही में तोमर कालोनी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल विद्यालय नत्थूपुरा दिल्ली के प्राध्यापक एवं प्रख्यात कवि डॉ विक्रम प्रसाद गौड़ ‘ रसिक ‘ जी से एक सुखद मुलाकात हुई ।
वहाँ उनके द्वारा प्रधानाचार्य डॉ शिवजी सिंह तथा स्टाफ के अन्य अध्यापकों से भी मेरा परिचय कराया गया। उनके साथ हिंदी विषय पर सार्थक चर्चा की गई। सभी ने एक मत से हिंदी को सराहा। और मुंबई में हिंदी भाषियों को जबरिया मराठी बोलवाने के अनैतिक प्रयास की घोर निंदा की गई।
इस दौरान हिंदी के संबंध में डॉ विक्रम रसिक ने कहा कि हिंदी हमारे राष्ट्र की शक्ति है, अभिव्यक्ति है। मैं स्वयं हिंदी का प्राध्यापक हूँ। हिंदी पत्रकारिता भी मेरा विषय है।
बता दूँ कि डॉ गौड़ द्वारा ” ज्ञान उन्मेष सरस हिंदी व्याकरण ” लिखा गया है। पुस्तक में हिंदी पत्रकारिता पर भी प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक विद्यालयी तथा विश्व विद्यालयी स्तर के विद्यार्थियों के लिए लिखी गई है।
इसके अलावा डॉ रसिक जी की ” पुष्पोद्यान ” तथा ” काव्य कुसुम ” के नाम से काव्य रचनाओं का संग्रह भी प्रकाशित हुआ है। यही नहीं डॉ रसिक जी एक अच्छे मंच संचालन कर्ता भी हैं। उनकी रचनाएँ दिल्ली आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से भी प्रसारित होती रहती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ शिवजी सिंह ने हिंदी का बखान करते हुए कहा कि हिंदी हमारी आत्मा है। यह जन – जन की भाषा है। इसके बिना हमारा जीवन शून्य सा है।

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