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फरीदाबाद, 21 जुलाई।

मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य कारण तनाव, नींद की कमी, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्क्रियता को माना जा रहा है। विश्व ब्रेन दिवस 2025 के मौके पर एकॉर्ड अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. रोहित गुप्ता ने मस्तिष्क स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि दिमागी सेहत केवल बुजुर्गों की ही नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लिए जरूरी है। उन्होंने बताया कि “मस्तिष्क स्वास्थ्य का मतलब है ऐसा दिमाग जो स्पष्ट सोच सके, भावनात्मक रूप से संतुलित रहे और रोजमर्रा की चुनौतियों को अच्छी तरह संभाल सके।”
उन्होंने बताया कि मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां युवाओं में भी देखी जा रही हैं, जिनके लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं। धुंधला दिखना, अंगों में झुनझुनी, थकान, चक्कर आना, संतुलन बिगड़ना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। हालांकि इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, पर समय पर पहचान और इलाज से जीवन की गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि
भारत में अब बेहतर एमआरआई सुविधाओं और न्यूरोलॉजिस्ट की बढ़ती संख्या से इन बीमारियों की पहचान पहले की तुलना में आसान हो गई है।

 

 

मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के उपाय:

– रोजाना 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद
– संतुलित और पौष्टिक आहार
– नियमित व्यायाम
– मानसिक गतिविधियों में भागीदारी
– तनाव नियंत्रण और नशे से दूरी

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