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  • गाँव अनंगपुर समेत खोरी, बड़खल, नेहरू कालोनी व अन्य कालोनियों में तोड़फोड़ का पुरजोर विरोध करेंगे – दीपेन्द्र हुड्डा  
  • अगर सरकार अन्याय करेगी तो कांग्रेस के 37 विधायक और 5 सांसद चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे – दीपेन्द्र हुड्डा
  • सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की इसलिये उसकी नीयत पर भी सवाल उठते हैं – दीपेन्द्र हुड्डा
  • कोर्ट का फैसला है तो रास्ता निकालना भी सरकार का काम है – दीपेन्द्र हुड्डा

फरीदाबाद, 13 जुलाई। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आज अनंगपुर में आयोजित महापंचायत में शामिल होकर कांग्रेस पार्टी की ओर से महापंचायत को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की और कहा कि पंचायत का जो भी निर्णय होगा, हर फैसले में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ये अन्याय के खिलाफ न्याय की लड़ाई है। आज किसान, गरीब, मजदूर का आशियाना क्यों उजाड़ा जा रहा है? उन्होंने कहा कि गाँव अनंगपुर समेत खोरी, बड़खल, नेहरू कालोनी व अन्य कालोनियों में तोड़फोड़ का पुरजोर विरोध करेंगे। महापंचायत में सुबह से शाम तक उमड़ी भारी भीड़ को देखकर दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि इस महापंचायत ने एक दिवसीय भूख हड़ताल का रूप ले लिया है। ये पसीना व्यर्थ नहीं जायेगा और रंग लेकर आयेगा। हरियाणा में टक्कर का विपक्ष है। अगर सरकार अन्याय करेगी तो कांग्रेस पार्टी के 37 विधायक और 5 सांसद चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने महापंचायत से आवाहन किया कि सरकार को समय सीमा दी जाए और उसके अनुरुप इस लड़ाई को विधानसभा से लेकर संसद तक आगे बढ़ाया जाए।

दीपेन्द्र हुड्डा ने सवाल किया कि बीजेपी सरकार लुटेरे वर्ग के लिये है या कमेरे वर्ग के लिये है। भाजपा सरकार की नीति, रीति देश की संपत्ति को बेचने और रेल, एयरपोर्ट बंदरगाह, सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों समेत हर उद्योग को बड़े उद्योपतियों को देने की बन गयी है। अब बीजेपी सरकार की नजर अरावली इलाके पर है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की इसलिये उसकी नीयत पर भी सवाल उठते हैं। इस लड़ाई में हरियाणा की 36 बिरादरी साथ खड़ी है। कोर्ट का फैसला है तो रास्ता निकालना भी सरकार का काम है। सरकार चाहे तो क्या नहीं हो सकता। इसका उदाहरण देते हुए दीपेन्द्र हुड्डा ने याद दिलाया कि भूमि अधिग्रहण का सवा सौ साल पुराना कानून यूपीए सरकार ने बदलकर किसान के हक का कानून बनवाया। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 750 किसानों ने अपनी कुर्बानी दी तो देश की सरकार ने तीनों कानून वापिस लिया।

उन्होंने कहा कि अनंगपुर संघर्ष समिति की सभी मांगें जायज हैं। सरकार अपनी गलती सुधारे और तुरंत तोड़फोड़ बंद करे। साथ ही जिनके घरों को तोड़ा गया है उनको पर्याप्त मुआवजा दे। नये मास्टर प्लान में इलाके को आबादी के रूप में घोषित करे। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि फरीदाबाद के गांव अनंगपुर में PLPA और अरावली वन क्षेत्र की आड़ में सैंकड़ों वर्षों से रह रहे हजारों परिवारों को उजाड़कर बेघर करने और उनके घरों को तोड़ने की सरकारी कोशिश कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है। बीजेपी सरकार जब से सत्ता में आई है मनमानी जनविरोधी नीतियाँ बनाकर लोगों को उजाड़ने का काम कर रही है

अनंगपुर गांव की महापंचायत में प्रमुख रूप से अध्यक्ष जैलदार साहब, राकेश टिकैत, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, सांसद इकरा हसन, हरियाणा विधानसभा के वरिष्ठ विधायक आफताब अहमद, विधायक गीता भुक्कल, विधायक रघुबीर तेवतिया, विधायक मोहम्मद इसरायल, विधायक कुलदीप वत्स, विधायक अतुल प्रधान, युद्धवीर सिंह, पूर्व विधायक नीरज शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेन्द्र भारद्वाज, विजय प्रताप समेत भरी तादाद में वरिष्ठ नेतागण व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

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