-उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को बैठक में दिए निर्देश
-अधिकारी जिला प्रशासन की आंख-कान बनकर जागरूकता के साथ करें काम
-अलीगढ़ रोड पर ड्रेन निर्माण बारे संयुक्त निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
पलवल, 08 जनवरी। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसा प्लान तैयार करें जिससे पलवल जिला का पानी यमुना में न जाए बल्कि खेतों में ही प्रयोग किया जा सके, इसके लिए एसटीपी बनाने के साथ-साथ सभी आवश्यक उपाय अपनाए जाएं। इससे जिला पलवल आगामी मानसून सत्र के दौरान संभावित बाढ़ से भी सुरक्षित होगा। उपायुक्त डा. वशिष्ठ ने बृहस्पतिवार को आगामी मानसून सत्र के दौरान जिला पलवल में बाढ़ बचाव एवं प्रबंधन बारे अधिकारियों की बैठक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसई और एक्सइएन का स्पष्टीकरण के दिए निर्देश :
उपायुक्त ने बैठक में अधिकारियों के साथ अलीगढ़ रोड पर ड्रेन निर्माण, गांव बघोला में जलभराव, भाटिया कॉलोनी, इंदिरा नगर सहित विभिन्न जलभराव होने वाली जगहों बारे विस्तार से मंथन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिला पलवल में जलभराव वाले क्षेत्रों और उनमें किए जाने वाले सुधारों बारे विस्तृत पीपीटी तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले की जनता को जहां कहीं भी जलभराव से संबंधित समस्या का सामना करना पड़ रहा है उस बारे उनके संज्ञान में लाएं ताकि समस्या का उचित समाधान किया जा सके। उन्होंने अलीगढ़ रोड पर ड्रेन निर्माण बारे संबधित अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग को शहर का नाला साफ करवाने के निर्देश देते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता और कार्यकारी अभियंता को बैठक से अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
मेडिकल वेस्ट ड्रेन या खुले स्थानों पर डालने पर जिला प्रशासन की ओर से की जाएगी सख्त कार्रवाई :
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेडिकल वेस्ट को ड्रेन या खुले स्थानों पर डालना गंभीर अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल वेस्ट से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा दुष्प्रभाव पड़ता है। इसलिए इस विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों की एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिला में बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी चिकित्सा संस्थान द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अस्पताल संचालकों और चिकित्सकों से अपील की कि वे मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करें और जिला प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने आम नागरिकों से भी आग्रह किया कि यदि कहीं मेडिकल वेस्ट को गलत तरीके से फेंका जाता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जिला की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाकर घटित होने वाली सडक़ दुघर्टनाओं को रोकना है उद्देश्य : उपायुक्त
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाकर घटित होने वाली सडक़ दुघर्टनाओं को रोकना उनका उद्देश्य हैै, इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारी विजन बनाकर उस पर त्वरित कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसी जिला में घटित होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं की जानकारी उनके संज्ञान में अवश्य लाएं और प्रत्येक एजेंसी को यह पता होना चाहिए कि सडक़ दुर्घटना किस कारणवश घटित हुई है और उस पर संवेदनशीलता और मानवीय आधार पर कार्य करते हुए आवश्यक सुधार करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी जिला प्रशासन की आंख-कान बनकर जागरूकता के साथ काम करें। उन्होंने सभी एजेंसियों को आईआईटी मद्रास की ऑडिट रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए अविलंब कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पुलिस फोर्स की आवश्यकता हो तो मुझे बताएं।
वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाना सुनिश्चित करें अधिकारी :
उपायुक्त ने कहा कि सर्दियों के मौसम में धुंध और कोहरे के कारण सडक़ों पर दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे सडक़ दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वाहनों पर रिफलेक्टर टेप लगवाना बेहद जरूरी हो जाता है। संबंधित विभागों के अधिकारी टोल प्लाजा सहित अन्य जगहों पर बड़ा अभियान चलाकर बिना रिफलेक्टर टेप वाले वाहनों पर रिफलेक्टर टेप लगवाना सुनिश्चित करें। रिफ्लेक्टर टेप अंधेरे और धुंध में दूसरे वाहन चालकों को दूर से ही वाहन की मौजूदगी का संकेत देता है, जिससे समय रहते सावधानी बरती जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक, बस, टेम्पो, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाना अनिवार्य होना चाहिए। रिफ्लेक्टर टेप वाहन के पीछे, किनारों और आवश्यक स्थानों पर लगाया जाना चाहिए ताकि हर दिशा से आने वाले वाहन चालक उसे आसानी से देख सकें।
वाहन चालक वाहनों पर अवश्य लगवाएं रिफ्लेक्टर टेप : उपायुक्त
उपायुक्त ने बताया कि यातायात पुलिस और प्रशासन द्वारा समय-समय पर वाहन चालकों को रिफ्लेक्टर टेप लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कई स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर मुफ्त या रियायती दरों पर रिफ्लेक्टर टेप भी लगाए जा रहे हैं। वाहन चालकों से अपील की जाती है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिफ्लेक्टर टेप अवश्य लगवाएं, नियमों का पालन करें और धुंध में धीमी गति से वाहन चलाएं। थोड़ी सी सावधानी जान-माल की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभा सकती है। बैठक में एसडीएम पलवल ज्योति, डीएमसी मनीषा शर्मा सहित संबंधित विभागों के एक्सइएन व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। एसडीएम हथीन अप्रतिम सिंह वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े।
