पलवल | 20 जनवरी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
के तत्वावधान में
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कैंप, पलवल में
एक महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में
बाल कल्याण समिति तथा
शक्ति वाहिनी
संस्था के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर
विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी।
साइबर क्राइम व बाल संरक्षण कानूनों पर दिया गया मार्गदर्शन
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं
बाल कल्याण समिति के सदस्य
विक्रम वशिष्ठ
ने छात्रों को
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साइबर क्राइम
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बाल विवाह
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पॉक्सो अधिनियम
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चाइल्ड लेबर एक्ट
जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि
इन कानूनों की सही समझ
बच्चों को शोषण, धोखाधड़ी और अपराध से बचाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बाल विवाह के खिलाफ दिलाई गई सामूहिक शपथ
शक्ति वाहिनी संस्था से
वर्षा
ने सामाजिक कुरीतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि
कानूनन विवाह की न्यूनतम आयु—
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लड़कों के लिए 21 वर्ष
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लड़कियों के लिए 18 वर्ष निर्धारित है।
उन्होंने विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को
बाल विवाह न करने और न होने देने की सामूहिक शपथ दिलाई।
एक कॉल बदल सकती है बच्चे का भविष्य
वर्षा ने अपील की कि
यदि कहीं भी
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बाल मजदूरी
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भिक्षावृत्ति
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या किसी प्रकार का शोषण
दिखाई दे, तो तुरंत
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
या
पुलिस हेल्पलाइन 112
पर सूचना दें।
उन्होंने कहा,
“एक कॉल किसी बच्चे का भविष्य बदल सकती है।”
साइबर अपराध से सतर्क रहने की दी गई सलाह
विशेषज्ञ वक्ता
भारत भूषण
ने साइबर अपराध की बारीकियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि
इंटरनेट और सोशल मीडिया के गलत उपयोग से
बच्चे अनजाने में
मानसिक, शारीरिक और आर्थिक नुकसान का
शिकार हो सकते हैं।
निडर होकर अपराध के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान
कार्यक्रम में
मानव तस्करी निरोधक इकाई से
सहायक उप निरीक्षक
रामबीर सिंह,
मोहित डागर,
तथा विद्यालय के अध्यापक
नवल किशोर और मुकेश तेवतिया
विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों को
निडर होकर अपराध के खिलाफ आवाज उठाने
और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
