फरीदाबाद, 18 फरवरी 2026
फरीदाबाद की राजनीति के एक महत्वपूर्ण स्तंभ और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, पूर्व विधायक आनंद कौशिक का बुधवार दोपहर निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे और पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने सेक्टर-9 स्थित अपने निवास पर दोपहर लगभग दो बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को किया जाएगा।
आनंद कौशिक का राजनीतिक जीवन कई दशकों तक सक्रिय और प्रभावशाली रहा। वे वर्ष 2009 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर फरीदाबाद विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। उस समय उन्होंने संगठन और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित करते हुए क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। विधायक के रूप में उनका कार्यकाल संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क के लिए जाना जाता है।
राजनीतिक हलकों में आनंद कौशिक को गांधी परिवार से निकटता के कारण भी जाना जाता था। वे स्वर्गीय इंदिरा गांधी के करीबी नेताओं में गिने जाते थे और संजय गांधी तथा राजीव गांधी के साथ संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और अनुशासन के चलते उन्हें वर्ष 1997 में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस का महासचिव नियुक्त किया गया था। इसके अतिरिक्त वे युवा कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।
फरीदाबाद में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। उनके सौम्य व्यवहार, मिलनसार व्यक्तित्व और कार्यकर्ताओं के प्रति अपनत्व ने उन्हें पार्टी के भीतर विशेष पहचान दिलाई। कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि आनंद कौशिक संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच सेतु का काम करते थे।
पिछले करीब एक वर्ष से वे गंभीर रूप से अस्वस्थ थे और सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे। हालांकि इस दौरान भी विभिन्न दलों के नेता और समर्थक समय-समय पर उनके निवास पर पहुंचकर उनका हालचाल लेते रहे। हाल ही में कांग्रेस और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनसे मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।
उनके निधन के बाद उनके निवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक समर्पित और जमीनी नेता बताया, जिन्होंने संगठन को मजबूती देने के लिए लंबे समय तक कार्य किया।
आनंद कौशिक के परिवार में उनके भाई बलजीत कौशिक हैं, जो वर्तमान में फरीदाबाद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं। परिवारजनों और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आनंद कौशिक उन नेताओं में से थे, जिन्होंने संगठनात्मक राजनीति को प्राथमिकता दी और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की शैली अपनाई। उन्होंने कई चुनावी अभियानों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
उनका निधन फरीदाबाद की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति के रूप में देखा जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने शोक संदेश जारी कर दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।
आनंद कौशिक का जीवन राजनीतिक समर्पण, संगठनात्मक अनुशासन और जनसंपर्क का उदाहरण रहा। उनके जाने से फरीदाबाद की राजनीतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है।

