भव्य हिंदू सम्मेलन में गूंजा सनातन का उद्घोष
फरीदाबाद। धर्म नगरी फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित रामलीला मैदान में आज एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ हजारों सनातनी बंधुओं ने संगठित होकर अपनी एकता और संस्कृति का परिचय दिया। अवसर था “भव्य हिंदू सम्मेलन” का, जिसमें विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान आलोक कुमार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की यात्रा का विस्तार से वर्णन किया। अपने ओजस्वी संबोधन में आलोक कुमार जी ने कहा कि हिंदू भूमि का कण-कण शक्ति का अवतार है और अब समय आ गया है कि हिंदू समाज अपनी शक्ति को पहचानकर संगठित हो। कार्यक्रम का शुभारंभ अमन शास्त्री जी एवं गुरुकुल के छात्र और छात्राओं द्वारा अत्यंत विधि-विधान से किए गए वैदिक यज्ञ के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण शुद्ध और भक्तिमय हो गया। इस सम्मेलन में साध्वी प्रज्ञा भारती जी, समाजसेवी शाहमल विधूड़ी जी ने हिंदू जागरण की दिशा में नई ऊर्जा भरने का आह्वान किया। इस्कॉन से पधारे परमात्मा प्रभु जी और महाशिव मंदिर से लक्ष्मी नारायण नौटियाल जी ने धर्म की व्याख्या करते हुए समाज को नई चेतना प्रदान की। विभाग सह-संघचालक जय किशन गुप्ता और उद्योगपति अजय काक ने भी अपने सनातन पर विचार साझा किए। प्रचार-प्रसार प्रमुख देवेंद्र अग्रवाल(देबू भाई) सदस्य- जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति, फरीदाबाद एंव सीएम विडों एमिनेंट पर्सन ने अपने संबोधन में कहा कि भव्य हिंदू सम्मेलन आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। यह हमारी सनातन परंपराओं को मजबूत करने का संकल्प है। कार्यक्रम की सफलता का मुख्य स्तंभ इसकी आयोजन समिति रही, जिसके संयोजक और आरडब्लूए सेक्टर 37 के प्रधान आई डी शर्मा ने सभी को एक सूत्र में पिरोया।
इस पुनीत कार्य में प्रचार-प्रसार प्रमुख देवेंद्र अग्रवाल(देबू भाई), नरेंद्र शर्मा ,अजय गुप्ता,अतुल मंगला योगेश शर्मा ,अनिल शर्मा , पी.सी. शर्मा , मास्टर हाकिम चंद, श्रीमती गीता शर्मा, राजेश कुमार , तिलक राज चौहान और के.के. शर्मा जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर दिया।
इस सम्मेलन की विशेषता यह रही कि इसमें हजारों की संख्या में हिन्दु समाज ने एकत्रित होकर अपनी एकता का परिचय उिया। कार्यक्रम में वैदिक आसाराम प्रजापति जैसे वरिष्ठों का सानिध्य भी प्राप्त हुआ। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे सनातन धर्म की रक्षा और राष्ट्र की उन्नति हेतु सदैव तत्पर रहेंगे।

