फरीदाबाद | 24 जनवरी 2026
हरियाणा में नवाचार और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से
जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए
सफल इनक्यूबेशन मॉडल्स और नवीन फंडिंग रणनीतियों का गहन अध्ययन कर रहा है।
इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर को मजबूत बनाते हुए
छात्रों और पूर्व छात्रों के स्टार्टअप्स को संसाधन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और सीड फंडिंग उपलब्ध कराना है।
प्रभावशाली स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग आसान बनाना प्राथमिकता: कुलपति
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव कुमार ने कहा—
“हमारा फोकस ऐसे प्रभावशाली स्टार्टअप उद्यमों के लिए
फंडिंग को सरल और सुलभ बनाने पर है,
जो समाज और उद्योग दोनों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित कर सकें।”
उन्होंने बताया कि यह रणनीति स्टार्टअप्स को
केवल शुरू करने तक सीमित नहीं रखेगी,
बल्कि उन्हें स्केल-अप करने में भी मदद करेगी।
आठवीं इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन बैठक में हुआ मंथन
यह जानकारी विश्वविद्यालय के
आईपीआर, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन/स्टार्टअप डिवीजन
की आठवीं बैठक में साझा की गई,
जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजीव कुमार ने की।
बैठक में शिक्षा मंत्रालय एवं आईआईटी दिल्ली के प्रतिनिधियों सहित
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविदों ने भाग लिया।
प्रमुख प्रतिभागी रहे—
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दीपन साहू
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अनमोल चतुर्वेदी
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प्रो. अतुल मिश्रा (डीन, एकेडमिक अफेयर्स)
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प्रो. मनीषा गर्ग (डायरेक्टर, आर एंड डी)
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प्रो. मुनीश वशिष्ठ (डीन, इंस्टीट्यूशंस)
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प्रो. कोमल कुमार भाटिया (कंट्रोलर ऑफ फाइनेंस)
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प्रो. अनुराधा शर्मा
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डॉ. राजीव कुमार साहा
बैठक का समन्वय
प्रो. संजीव गोयल
द्वारा किया गया।
कई स्टार्टअप प्रस्तावों और इनक्यूबेशन अवसरों की समीक्षा
बैठक के दौरान छात्र एवं पूर्व छात्र-नेतृत्व वाले
कई स्टार्टअप्स और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई, जिनमें शामिल रहे—
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एस्पिरेंट अड्डा – प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए प्लेटफॉर्म
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यास्या बायोसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड
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सुभ टेक्नोलॉजी – डिजिटल मार्केटिंग व वेब सॉल्यूशंस
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इनोवेटिव टाइम टेबल जेनरेशन सिस्टम
इसके अतिरिक्त नए आवेदकों जैसे—
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द बूम बॉक्स क्लब
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लोब्रा हंसेतु
के लिए भी इनक्यूबेशन अवसरों का मूल्यांकन किया गया।
इन प्रस्तावों पर इक्विटी मॉडल, संसाधन आवंटन
और दीर्घकालिक स्थिरता को लेकर गहन चर्चा हुई।
विश्वविद्यालय में 24 सक्रिय स्टार्टअप, फंडिंग पर चल रहा काम
वर्तमान में विश्वविद्यालय के इनक्यूबेटर के अंतर्गत
24 सक्रिय स्टार्टअप्स कार्यरत हैं।
कमेटी सभी हितधारकों के सहयोग से
इन स्टार्टअप्स को सीड मनी और फंडिंग सहायता
प्रदान करने के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दे रही है।
यह प्रक्रिया विश्वविद्यालय की
स्टार्टअप एंड सीड इन्वेस्टमेंट पॉलिसी
के अनुरूप की जा रही है।
