मुंबई, अप्रैल। भारतीय संगीत जगत को रविवार को बड़ा झटका लगा, जब सुरों की मलिका और दिग्गज पार्श्व गायिका Asha Bhosle का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से वह अस्वस्थ थीं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थीं।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उनका निधन हुआ। उनके बेटे आनंद भोसले ने निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि पार्थिव शरीर सोमवार सुबह 11 बजे उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जबकि शाम 4 बजे Shivaji Park में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शनिवार शाम उन्हें छाती में संक्रमण और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करते हुए निजता बनाए रखने की अपील की थी।
Asha Bhosle भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर की आखिरी जीवित महान हस्तियों में शामिल थीं। उन्होंने Lata Mangeshkar, Mohammed Rafi, Kishore Kumar, Mukesh और Manna Dey जैसे दिग्गजों के साथ संगीत जगत को अमर धुनें दीं।
अपनी सुरीली आवाज़ और बहुमुखी प्रतिभा के लिए मशहूर आशा भोसले ने फिल्मी गीतों के साथ-साथ ग़ज़ल, भजन, पॉप, लोकगीत, क़व्वाली, शास्त्रीय संगीत और रवींद्र संगीत में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने 20 से अधिक भारतीय और विदेशी भाषाओं में हजारों गीत गाए।
भारत सरकार ने उन्हें Padma Vibhushan और Dadasaheb Phalke Award सहित अनेक सम्मानों से नवाजा था। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत में एक युग का अंत हो गया है।

