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फरीदाबाद में साइबर अपराध के मामलों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में टेलीग्राम टास्क के बहाने 8,66,650 रुपये की ठगी के एक बड़े मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने एक खाताधारक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब और आसान कमाई के नाम पर की जा रही साइबर ठगी के उस पैटर्न को उजागर करता है, जिसमें आम नागरिकों को धीरे-धीरे विश्वास में लेकर भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने ठगों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था, जिसके माध्यम से ठगी की राशि का एक हिस्सा ट्रांसफर हुआ। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।


कैसे शुरू हुई ठगी: पार्ट-टाइम जॉब का लालच

पुलिस प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेक्टर-11 फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 8 फरवरी 2025 को उसके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के जरिए एक अज्ञात नंबर से संदेश आया। इस संदेश में उसे पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर दिया गया था, जिसमें घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरे कर पैसे कमाने का दावा किया गया।

शुरुआत में शिकायतकर्ता से कुछ छोटे-छोटे टास्क करवाए गए। इन टास्क के बदले उसे थोड़ी-बहुत राशि भी दी गई, जिससे उसे यह विश्वास हो गया कि काम सही और भरोसेमंद है। यही वह चरण था, जहां साइबर ठगों ने उसकी मानसिक तैयारी कर ली।


पेड टास्क का झांसा और बढ़ता गया निवेश

कुछ समय बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बताया कि यदि वह पेड टास्क करता है, तो उसे पहले से कहीं ज्यादा मुनाफा मिलेगा। इन टास्क के लिए पहले पैसे जमा करने की शर्त रखी गई। अधिक कमाई के लालच में आकर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग माध्यमों से रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया।

धीरे-धीरे यह राशि बढ़ती चली गई और शिकायतकर्ता ने विभिन्न खातों में कुल 8,66,650 रुपये ट्रांसफर कर दिए। हर बार उसे यह भरोसा दिलाया जाता रहा कि—

  • पिछली राशि के साथ मुनाफा जल्द वापस मिलेगा

  • अगला टास्क पूरा होते ही भुगतान हो जाएगा

  • सिस्टम में थोड़ी देरी है, लेकिन पैसा सुरक्षित है


पैसा वापस मांगने पर बढ़ाया गया दबाव

जब शिकायतकर्ता ने अपनी जमा की गई राशि वापस मांगनी शुरू की, तो ठगों ने पैसा लौटाने के बजाय उस पर और टास्क करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसे बताया गया कि यदि वह अगला टास्क पूरा नहीं करेगा, तो उसकी पहले से जमा राशि भी अटक सकती है।

इसी दौरान शिकायतकर्ता को यह अहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हो चुकी है। इसके बाद उसने बिना देरी किए साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।


साइबर थाना बल्लभगढ़ की तकनीकी जांच

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने मामले की तकनीकी और वित्तीय जांच शुरू की। इस दौरान—

  • बैंक ट्रांजेक्शन का विश्लेषण

  • जिन खातों में पैसा गया, उनकी पहचान

  • मोबाइल नंबर और डिजिटल गतिविधियों की जांच

की गई। जांच में यह सामने आया कि ठगी की रकम कई खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर की गई थी, जिनमें से एक खाता राजस्थान के जोधपुर से जुड़ा हुआ था।


खाताधारक आरोपी की गिरफ्तारी

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस राजस्थान के जोधपुर पहुंची, जहां से एक खाताधारक को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान—

आदित्य सिंह भाटी
निवासी: मसूरिया, जोधपुर
हाल निवास: हाउसिंग बोर्ड, सेक्टर-2, जोधपुर (राजस्थान)

के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसका उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया गया। आरोपी के खाते में ठगी की राशि में से 50,000 रुपये आए थे।


आरोपी की पृष्ठभूमि और पूछताछ

पुलिस के अनुसार, आरोपी 11वीं पास है और जोधपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जा रही है कि—

  • आरोपी ने जानबूझकर अपना खाता उपलब्ध कराया या

  • वह किसी बड़े साइबर ठगी नेटवर्क के संपर्क में था

  • उसे इसके बदले कितनी राशि या लाभ का लालच दिया गया

पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह के मामलों में शामिल रहा है या नहीं।


अदालत में पेशी, 5 दिन का पुलिस रिमांड

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान—

  • अन्य संदिग्ध खातों की जानकारी

  • ठगी में शामिल अन्य लोगों की पहचान

  • टेलीग्राम ग्रुप और डिजिटल संपर्कों का विवरण

जैसे बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है।


टेलीग्राम टास्क ठगी: क्यों बनते हैं लोग शिकार

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, टेलीग्राम टास्क ठगी में आमतौर पर—

  • आसान कमाई का लालच

  • शुरुआत में छोटी रकम देकर भरोसा जीतना

  • फिर बड़े निवेश के लिए दबाव बनाना

जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। कई मामलों में पीड़ित को मानसिक रूप से इस तरह उलझा दिया जाता है कि वह अपनी जमा राशि वापस पाने के लिए और पैसे लगा देता है।


पुलिस की आमजन से अपील

फरीदाबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—

  • अनजान नंबर से आए पार्ट-टाइम जॉब या टास्क ऑफर से सावधान रहें

  • किसी भी ऑनलाइन स्कीम में पैसे लगाने से पहले सत्यापन करें

  • अपना बैंक खाता, ओटीपी या निजी जानकारी किसी को न दें

  • ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर थाना या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं

समय पर शिकायत करने से ट्रांजेक्शन को फ्रीज कराने और राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।


साइबर अपराध पर पुलिस की सख्ती जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध के मामलों में—

  • बैंकिंग ट्रेल

  • डिजिटल फुटप्रिंट

  • अंतरराज्यीय समन्वय

के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचा जा रहा है। हालांकि, पुलिस यह भी मानती है कि नागरिकों की सतर्कता के बिना साइबर अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है।


निष्कर्ष

टेलीग्राम टास्क के बहाने 8,66,650 रुपये की ठगी के इस मामले में खाताधारक की गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि ऑनलाइन कमाई के लुभावने ऑफर के पीछे अक्सर ठगी का जाल छिपा होता है। पुलिस की सख्त कार्रवाई के साथ-साथ आम नागरिकों की जागरूकता ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने का सबसे मजबूत तरीका है।

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