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संवाददाता – Divyanshu Ojha (Journalist)

टेलीग्राम टास्क के नाम पर 11.91 लाख रुपये की साइबर ठगी, खाता उपलब्ध करवाने वाला आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बढ़ते साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए फरीदाबाद पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने के नाम पर की गई 11,91,076 रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने ठगों को बैंक खाता उपलब्ध करवाने में भूमिका निभाई थी।

यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि किस प्रकार साइबर अपराधी “वर्क फ्रॉम होम”, “ऑनलाइन रेटिंग” और “आसान कमाई” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर आम लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।


कैसे सामने आया साइबर ठगी का मामला

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आदर्श नगर, बल्लभगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के माध्यम से वर्क फ्रॉम होम से संबंधित एक संदेश प्राप्त हुआ था। संदेश भेजने वाले ने दावा किया कि घर बैठे ऑनलाइन काम करके अच्छी कमाई की जा सकती है।

जब शिकायतकर्ता ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो उसे एक टेलीग्राम चैनल/ग्रुप से जोड़ा गया। यहां उसे बताया गया कि उसे केवल कुछ टास्क पूरे करने हैं, जिनमें ऑनलाइन रेटिंग और अन्य छोटे डिजिटल कार्य शामिल हैं।


टेलीग्राम टास्क के नाम पर शुरू हुआ पैसों का लेन-देन

प्रारंभ में शिकायतकर्ता को छोटे-छोटे टास्क पूरे करने को कहा गया, जिसके बदले कुछ मामूली राशि वापस मिलने का भरोसा दिया गया। विश्वास बढ़ाने के लिए शुरुआती चरण में कुछ रकम लौटाई भी गई। इसके बाद ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर बड़े टास्क देने शुरू किए।

इन टास्क को पूरा करने के लिए शिकायतकर्ता से कहा गया कि वह अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करे। ठगों का दावा था कि टास्क पूरा होते ही जमा की गई राशि के साथ अतिरिक्त लाभ भी वापस कर दिया जाएगा।

शिकायतकर्ता ने ठगों के बताए अनुसार कई चरणों में कुल 11,91,076 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन इसके बाद न तो कोई लाभ मिला और न ही जमा की गई रकम वापस की गई।


साइबर थाना बल्लभगढ़ में दर्ज हुआ मामला

अपने साथ हुई ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ठगी की इस पूरी प्रक्रिया में कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे—कुछ कॉल और मैसेज के जरिए पीड़ित से संपर्क कर रहे थे, जबकि कुछ लोग बैंक खातों की व्यवस्था कर रहे थे।


खाता उपलब्ध करवाने वाले आरोपी की पहचान

जांच को आगे बढ़ाते हुए साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने परवेज खान, निवासी लोअरपुर ताजन, अम्बेडकर नगर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, परवेज खान ने ठगों को बैंक खाते उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी परवेज खान ने खाताधारक शैलेन्द्र और राजेश के खाते आरोपी मो. तुफेल से प्राप्त कर आगे ठगी करने वाले नेटवर्क को सौंपे थे।


पहले भी हो चुकी है अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि इस मामले में खाताधारक शैलेन्द्र, राजेश और मो. तुफेल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी की भूमिका बैंक खातों के संचालन और धनराशि के ट्रांजेक्शन से जुड़ी हुई पाई गई थी।

परवेज खान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को उम्मीद है कि ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियां और स्पष्ट रूप से सामने आ सकेंगी।


आरोपी की पृष्ठभूमि

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी परवेज खान B.A. पास है और कंस्ट्रक्शन का सामान सप्लाई करने का काम करता है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने पैसों के लालच में आकर बैंक खातों को आगे उपलब्ध कराया।

हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी की भूमिका केवल खाते उपलब्ध करवाने तक सीमित थी या वह ठगी की योजना में अन्य स्तर पर भी शामिल था।


अदालत में पेश कर लिया गया पुलिस रिमांड

गिरफ्तार आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इस दौरान पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों, खातों और डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।


साइबर ठगी में “टेलीग्राम टास्क” क्यों बन रहा है नया हथकंडा

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि वहां ग्रुप और चैनल बनाना आसान, निगरानी सीमित और पहचान छुपाना अपेक्षाकृत सरल होता है। “ऑनलाइन टास्क”, “वर्क फ्रॉम होम” और “रेटिंग जॉब” जैसे शब्द लोगों को जल्दी भरोसा दिलाने में मदद करते हैं।

अधिकांश मामलों में शुरुआत छोटे भुगतान से की जाती है ताकि पीड़ित का विश्वास बढ़े, और बाद में बड़ी रकम ऐंठ ली जाती है।


आम नागरिकों के लिए जरूरी सावधानी

पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने आमजन से अपील की है कि:

  • अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम संदेशों पर भरोसा न करें

  • बिना जांच-पड़ताल के किसी भी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें

  • “आसान कमाई” या “गारंटीड रिटर्न” के दावों से सतर्क रहें

  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर थाना या हेल्पलाइन पर दें

समय पर की गई शिकायत से न केवल खुद को, बल्कि अन्य लोगों को भी नुकसान से बचाया जा सकता है।


निष्कर्ष

टेलीग्राम टास्क के नाम पर हुई यह 11.91 लाख रुपये की ठगी यह दिखाती है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, फरीदाबाद पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी है। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश देती है।

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