विकसित भारत के विजन के साथ विकसित हरियाणा का संकल्प, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पेश किया ऐतिहासिक बजट
चंडीगढ़, 2 मार्च| हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा में नॉन स्टॉप सरकार का लगातार 12वां राज्य बजट प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2047 तक हरियाणा को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का राज्य बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि विकसित हरियाणा के निर्माण का विजन डॉक्यूमेंट है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जिस गति से विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना रहा है, उसी संकल्प और उसी प्रेरणा के साथ हरियाणा भी विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक हरियाणा को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047″ इसी दिशा में राज्य का मार्गदर्शक दस्तावेज है। यह बजट जनता के व्यापक परामर्श से तैयार किया गया है। प्रदेशभर में विभिन्न वर्गों के साथ आयोजित बैठकों से 2,199 सुझाव प्राप्त हुए तथा एआई चैटबॉट के माध्यम से लगभग 12,400 सुझाव मिले, जिनमें से लगभग 5,000 सुझावों को बजट प्रस्तावों में समाहित किया गया है, इसलिए ये हरियाणा की जनता द्वारा बनाया गया बजट है।
श्री नायब सिंह सैनी ने बतौर वित्त मंत्री सदन के माध्यम से जनता के समक्ष 5 बिंदुओं को रखा, जिनका प्रभाव न केवल इस वर्ष के बजट में दिखेगा बल्कि 2031 तक के राज्य बजटों में भी इसकी झलक दिखाई देगी।
वर्ष 2031 तक लगातार प्रभावी बिंदु
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार वर्ष 2026 से 2031 तक हरियाणा का केंद्रीय करों में हिस्सा बढ़कर 1.361 प्रतिशत हो गया है, जो पूर्व अवधि की तुलना में 24.52 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है और देश में सर्वाधिक वृद्धि है। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार की प्रभावशीलता का सशक्त प्रमाण बताते हुए कहा कि आज केंद्र और राज्य की समन्वित नीतियों का सीधा लाभ हरियाणा को मिल रहा है। वर्ष 2026 से 2031 तक हरियाणा का केंद्रीय करों में हिस्सा अब 1.361% होगा। वर्ष 2005-10 की अवधि में यह हिस्सा 1.075% था। वर्ष 2010-15 की अवधि में यह हिस्सा घटकर 1.048% हो गया था और इसमें वर्ष 2005-10 के मुकाबले हुई वृद्धि में हरियाणा पूरे देश में 20वें स्थान पर था। वर्ष 2015-20 की अवधि में यह हिस्सा और बढ़कर 1.084% हो गया और इसमें वर्ष 2010-15 की तुलना से वृद्धि में प्रदेश 17वें स्थान पर आ गया था। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार वर्ष 2021-26 की अवधि में यह हिस्सा फिर बढ़कर 1.093% हो गया था। 16वें वित्त आयोग की ताजा सिफारिशों के अनुसार वर्ष 2026 से वर्ष 2031 तक हिस्सा अब और अधिक बढ़कर 1.361% रहेगा। यह वृद्धि देश के सभी 28 राज्यों में सर्वाधिक है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 बजट के संदर्भ में इस वृद्धि को देखें तो वर्ष 2005-06 में ₹13,853 करोड़ के हरियाणा के कुल राजस्व में केंद्रीय करों से मिले हिस्से से राजस्व था ₹1,201 करोड़ अर्थात् कुल राजस्व का केवल 8.7%। वर्ष 2014-15 के ₹40,799 करोड़ के हमारे कुल राजस्व में केंद्रीय करों से मिले हिस्से से राजस्व था ₹3,548 करोड़ अर्थात् कुल राजस्व का फिर से केवल 8.7%। वर्ष 2024-25 में बढ़कर यह हिस्सा कुल राजस्व का 13.2% हो गया था। इस वर्ष कुल राजस्व का 14.2% केंद्रीय करों से प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट’ के तहत विश्व बैंक द्वारा ₹2716 करोड़ की सहयोग राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा, ‘Water Secure Haryana’ के लिए ₹5715 करोड तथा’ Haryana Al Mission’ के लिए ₹474 करोड़ की स्वीकृति विश्व बैंक से जल्द ही मिल जाएगी। इतना ही नहीं, ‘फोरसाइट एनक्स’ के नाम से 4 विभागों के लिए ₹1837.65 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे ये विभाग ‘भविष्य सक्षम’ बनेंगे। उन्होंने कहा कि Haryana Vision Document-2047 के लक्ष्यों के अनुरुप आगामी सभी बजट जेंडर व वृद्धजन आधारित होंगे।

