फरीदाबाद। सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित सुनहरी किरण सामाजिक संस्था के 20 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सेक्टर 14 स्थित डीएवी स्कूल ऑडिटोरियम में भव्य एवं गरिमामयी “सामाजिक यात्रा एवं सम्मान समारोह के गौरवशाली 20 वर्ष” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए तथा उन्होंने ‘सुरक्षित बचपन’ परियोजना का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में समाजसेवा, शिक्षा, जनजागरण और राष्ट्रहित के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अनेक व्यक्तित्वों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों द्वारा कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल का स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संस्था की 20 वर्षों की सामाजिक यात्रा को समर्पण, सेवा और मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि सेवा ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति है और समाज ही राष्ट्र की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि सुनहरी किरण संस्था द्वारा पिछले दो दशकों से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद लोगों तक सेवा, सहयोग, शिक्षा, जागरूकता और संवेदनशीलता पहुँचाने का कार्य अत्यंत प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। संस्था ने निरंतर समाजहित में कार्य करते हुए सेवा को संस्कार और समर्पण को अपना मूल मंत्र बनाया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था का लगातार 20 वर्षों तक समाज के बीच सक्रिय रहकर सेवा कार्य करना साधारण उपलब्धि नहीं होता। इसके पीछे त्याग, तपस्या, संवेदना और राष्ट्र के प्रति गहरी जिम्मेदारी का भाव होता है। यह 20 वर्षों की यात्रा केवल संस्था की उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण का जीवंत उदाहरण है।
श्री विपुल गोयल ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। नोबेल पुरस्कार विजेता कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर की जयंती के अवसर पर देश नई चेतना और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही मजबूत और विकसित भारत का निर्माण संभव है।
अपने विस्तृत संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं से बना राष्ट्र नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति, चेतना और परिवार है। जब समाज जागृत, संगठित और संवेदनशील बनता है, तभी राष्ट्र सशक्त होता है। यदि किसी गरीब की आँख में आँसू है, किसी युवा के पास अवसर नहीं है या किसी माँ को सम्मान नहीं मिल रहा, तो केवल भाषणों से बदलाव संभव नहीं है। बदलाव तब आता है जब समाज स्वयं जिम्मेदारी उठाता है और सेवा को अपना धर्म मानता है।
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के “अंत्योदय” और “एकात्म मानववाद” के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी व्यवस्था की सफलता का वास्तविक मापदंड समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। अंत्योदय का अर्थ केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा और राष्ट्र सेवा को कभी अलग नहीं देखा जा सकता।
कैबिनेट विपुल गोयल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंत्योदय के इसी संकल्प को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। गरीबों को पक्का घर, हर घर तक नल से जल, महिलाओं को सम्मान, मुफ्त उपचार, युवाओं को कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने जैसी अनेक योजनाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज देश का गरीब पहली बार महसूस कर रहा है कि सरकार उसके जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद केवल नारों तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज और जरूरतमंदों के प्रति समर्पण की भावना ही सच्चा राष्ट्रवाद है। यदि कोई युवा किसी गरीब बच्चे की शिक्षा में सहयोग करता है, कोई संस्था जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ी होती है या कोई व्यक्ति समाज को जोड़ने का कार्य करता है, तो वह वास्तविक राष्ट्र सेवा है। यही भारत की संस्कृति और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना है।
युवाओं को संदेश देते हुए श्री गोयल ने कहा कि जीवन केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं होना चाहिए। युवाओं को अपने करियर और प्रगति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के लिए भी समय निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य केवल तकनीक से नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले युवाओं से निर्मित होगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल बड़ी इमारतों और आधुनिक सड़कों से नहीं बनेगा, बल्कि मजबूत समाज, संवेदनशील नागरिकों और सेवा की भावना से बनेगा। हमें ऐसा भारत बनाना है जो आर्थिक रूप से समृद्ध होने के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से मजबूत और सामाजिक रूप से संवेदनशील भी हो।
कार्यक्रम के दौरान मेयर प्रवीण बत्रा, पार्षद रश्मि यादव सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष अरुण सिंह, डॉ. दिगपाल सिंह, राकेश चावला, अनुराधा शर्मा सहित संस्था के अनेक सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सुनहरी किरण संस्था की पूरी टीम को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संस्था आने वाले वर्षों में भी समाज सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का कार्य करती रहेगी। उन्होंने सभी उपस्थित नागरिकों से आह्वान किया कि वे सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

