मां भले इस दुनिया में न हो, लेकिन उसका आशीर्वाद जीवनभर साथ रहता है— मोहन तिवारीदिवंगत माताओं को श्रद्धांजलि, समाज से मां के सम्मान और संस्कार बचाने की अपील
फरीदाबाद। सेक्टर-12 फरीदाबाद निवासी समाजसेवी डॉ मोहन तिवारी ने मातृ दिवस के अवसर पर अपनी दिवंगत माता सहित समस्त मातृशक्ति को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति, प्रेरणा, त्याग और संस्कारों की जीवंत प्रतिमा होती है। मां भले ही इस दुनिया में न रहे, लेकिन उसके दिए हुए संस्कार,आशीर्वाद और यादें जीवनभर संतान का मार्गदर्शन करती रहती हैं।
समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने भावुक शब्दों में कहा कि जिन लोगों की मां आज उनके बीच नहीं हैं, वे ही सबसे अधिक मां की कमी और उसके महत्व को समझ सकते हैं। मां का प्रेम निस्वार्थ और अनमोल होता है, जो बिना किसी स्वार्थ के अपने बच्चों के सुख-दुख में हर पल साथ खड़ा रहता है।
उन्होंने कहा कि मां की सीख ही व्यक्ति को जीवन में सही रास्ता दिखाती है तथा हर संघर्ष से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में लोग अपनी व्यस्त जिंदगी में पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे समय में मातृ दिवस हमें अपनी मां के त्याग, संघर्ष और प्रेम को याद करने का अवसर देता है। समाज में मां का स्थान सर्वोच्च है और जहां माताओं का सम्मान होता है, वहां सदैव सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
डॉ. मोहन तिवारी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा that वे अपने माता-पिता विशेषकर माताओं के प्रति संवेदनशील रहें तथा उनके संघर्ष और त्याग को समझें। उन्होंने कहा कि माता-पिता का सम्मान करना केवल संस्कार नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। मां अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करती है, लेकिन बदले में केवल सम्मान, प्रेम और अपनापन चाहती है।
उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों की मां इस दुनिया में नहीं हैं, उनके लिए मां की यादें ही सबसे बड़ी पूंजी होती हैं। मां का स्नेह और आशीर्वाद कभी समाप्त नहीं होता, वह हमेशा अपने बच्चों के साथ रहता है और उन्हें हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
अंत में डॉ. मोहन तिवारी ने समस्त मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा मां कभी दूर नहीं होती, वह अपने बच्चों की यादों, संस्कारों और आशीर्वाद में हमेशा जीवित रहती है। मां का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।

