फरीदाबाद। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती, सेक्टर 8, फरीदाबाद में स्थित महाराणा प्रताप भवन में मनाई गई। इस अवसर पर जवाहर ठाकुर सचिव हरियाणा प्रदेश कांग्रेस सेवा दल,संस्था के सदस्य और शहर के गणमान्य क्षत्रिय बंधु उपस्थित रहे। इस अवसर पर आने वाले सभी सदस्यों ने महाराणा प्रताप जी की तस्वीर पर पुष्य अर्पित कर अपनी शुभकामनाएं दी। संस्था के अध्यक्ष नारायण सिंह शेखावत ने महाराणा प्रताप की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा -महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया रविवार विक्रम संवत 1597 तदनुसार 9 मई 1540 – 19 जनवरी 1597) उदयपुर, मेवाड़ में सिसोदिया राजवंश के राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम और दृढ प्रण के लिये अमर है। उन्होंने मुगल बादशहा अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और कई सालों तक संघर्ष किया, अंतत: अकबर महाराणा प्रताप को अधीन करने मैं असफल रहा। महाराणा प्रताप की नीतियां शिवाजी महाराज से लेकर ब्रिटिश के खिलाफ बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनीं। महाराणा प्रताप नें अपने साहस से हिन्दू धर्म की रक्षा की। उन्होंने महाराणा प्रताप के जन्म, राज्याभिषेक, हल्दीघाटी का युद्ध, दिवेर का युद्ध, चेतक, रामप्रसाद हाथी, रामशाह तोमर की तीनों पीढय़िों का एक ही युद्ध में बलिदान तथा महाराणा प्रताप के उत्तराधिकारी अमर सिंह के जीवन व अन्य पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। जवाहर ठाकुर ने कहा कि युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के आदर्शों का पालन करना चाहिए और उन्हें अपना कर अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए।
महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय समाज ने श्रद्धासुमन अर्पित किए
ByDivyanshu Ojha (Journalist)
May 10, 2026
