फरीदाबाद, 13 जून। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर एकॉर्ड अस्पताल ने स्वैच्छिक एवं नियमित रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए नागरिकों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। अस्पताल की पैथोलॉजिस्ट एवं ब्लड सेंटर प्रमुख डॉ. वैशाली यादव ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है और एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
डॉ. यादव ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों, बड़े ऑपरेशन से गुजर रहे लोगों, थैलेसीमिया, कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय-समय पर रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाता रक्त बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराने में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है और इससे शरीर पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। रक्तदान के बाद शरीर कुछ ही समय में रक्त की कमी की पूर्ति कर लेता है।
उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान को लेकर आज भी कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। कुछ लोग यह मानते हैं कि रक्तदान करने से कमजोरी आती है या स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है, जबकि चिकित्सकीय दृष्टि से यह धारणा पूरी तरह गलत है। निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप किया गया रक्तदान सुरक्षित होने के साथ-साथ व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी भी प्रदान करता है।
डॉ. वैशाली यादव ने बताया कि विश्व रक्तदाता दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक और नियमित रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से रक्तदान अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक स्वस्थ नागरिक वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करे, तो रक्त की कमी की समस्या को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।
अस्पताल प्रबंधन ने भी नागरिकों से रक्तदान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की। साथ ही सभी रक्तदाताओं के योगदान को नमन करते हुए कहा कि रक्तदाता समाज के सच्चे नायक हैं, जिनकी निस्वार्थ सेवा के कारण हजारों मरीजों को जीवनदान मिलता है। प्रबंधन ने कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है।

