बार प्रधान राजेश बैंसला व महासचिव टीका डागर बोले—अधिवक्ताओं के सम्मान से समझौता नहीं
एसीपी ने स्ट्राइक समाप्त करने का किया अनुरोध, बार नेतृत्व ने कहा—सम्मान से कोई समझौता नहीं
फरीदाबाद। जिला बार एसोसिएशन, फरीदाबाद द्वारा अधिवक्ताओं की मुद्दे पर लिया गया न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बार प्रधान राजेश बैंसला एवं महासचिव टीका डागर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने अपने सामूहिक निर्णय पर कायम रहते हुए स्पष्ट किया कि बार के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
एडवोकेट एवं समाजसेवी डॉ मोहन तिवारी ने बताया कि बार स्ट्राइक को समाप्त कराने और मामले को आपसी सहमति से सुलझाने के लिए पुलिस अधिकारियों की ओर से भी प्रयास किए गए। पुलिस आयुक्त के दिशानिर्देश पर एसीपी सराय संदीप मोर सहित पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व बार प्रधान पूर्व वॉयस चेयरमैन बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ओपी शर्मा और अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा के चैंबर में घंटों बैठक कर बातचीत की और बार द्वारा घोषित कार्य से विरत रहने के निर्णय को समाप्त कराने का प्रयास किया।
एडवोकेट एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने बताया कि बैठक के दौरान एसीपी संदीप मोर ने अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा को मामले को लेकर समझाने का प्रयास किया। इस पर कुणाल कांत शर्मा ने स्पष्ट किया कि अब इस संबंध में जो भी फैसला होगा, वह जिला बार एसोसिएशन ही करेगी और बार के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा।
एडवोकेट एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी के अनुसार, पुलिस अधिकारियों की ओर से बार प्रधान राजेश बैंसला से भी स्ट्राइक समाप्त करने का निवेदन किया गया, लेकिन बार नेतृत्व अपने निर्णय पर कायम रहा। बार प्रधान राजेश बैंसला एवं महासचिव टीका डागर ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं के सम्मान और बार की गरिमा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।
बुधवार को भी बड़ी संख्या में अधिवक्ता बार के निर्णय के समर्थन में न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान बार प्रधान राजेश बैंसला, महासचिव टीका डागर, पूर्व महासचिव ओम दत्त शर्मा, पूर्व महासचिव नरेंद्र शर्मा, अधिवक्ता जेपी भाटी, एडवोकेट एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी, अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा, पीयूष शर्मा, पंकज शर्मा, राजेंद्र शर्मा, देवानंद सिंह सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।

