फरीदाबाद, 30 जून | हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्करज यूनियन हैड ऑफिस भिवानी संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर कर्मचारियों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है । एचएसईबी वर्कर यूनियन केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन मंगलवार को पूरी आक्रामकता के साथ सर्कल सेक्टर-23 पर जारी रहा । इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने सरकार की श्रमिक व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया । विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता बीरसिंह चेयरमैन ने की, जबकि मंच का संचालन सर्कल सचिव लेखराज चौधरी एवं विक्रम सांगवान प्रधान द्वारा किया गया । धरना स्थल पर कर्मचारियों के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए स्टेट चीफ ऑर्गनाइज़र विनोद शर्मा ने सरकार की दमनकारी और निजीकरण की नीतियों पर तीखे प्रहार किए ।
यूनियन के सर्कल सचिव लेखराज चौधरी ने अपने संबोधन में सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि एग्री डिस्कॉम के गठन को किसानों और कर्मचारियों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा करार है । प्रदेश सरकार द्वारा जो एग्री डिस्कॉम बनाए जा रहे हैं, वे न तो देश के अन्नदाता किसानों के हित में हैं और न ही दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले बिजली कर्मचारियों के हित में हैं । सरकार यह सब केवल अपने कुछ चुनिंदा चहेतों और कॉर्पोरेट मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए कर रही है । स्टेट कमेटी के नेता सुनील चौहान उपप्रधान ने कहा कि इस काले फैसले के जरिए पूरे बिजली बोर्ड को निजी हाथों में सौंपने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली क्षेत्र का निजीकरण इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले समय में आम जनता और उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानियों और बेतहाशा महंगी बिजली का सामना करना पड़ेगा । विशेषकर किसानों के लिए यह एग्री डिस्कॉम पूरी तरह से घातक और विनाशकारी साबित होगा ।
स्टेट जॉइन्ट सेक्रेटरी परवीन शर्मा ने सरकार के किसान और कर्मचारी हितैषी होने के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में इन वर्गों की भलाई चाहती है, तो उसे तुरंत बिजली निगम में पक्की और स्थाई भर्ती शुरू करनी चाहिए । इससे न केवल विभाग सुचारू रूप से चलेगा, बल्कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भी सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिलेंगे । कर्मचारियों ने साफ किया कि वे अपने अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेंगे । यूनियन नेताओं ने सरकार के समक्ष यूनियन के 14-सूत्रीय मांग पत्र को दोहराते हुए तुरंत इन्हें लागू करने की मांग की । उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में कैशलेस मेडिकल सुविधा, जोखिम भत्ता, बिजली विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित अन्य है । उन्होंने साफ कर दिया है कि आज का यह धरना तो सिर्फ एक शुरुआत है, आगामी दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा । सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर 02 जुलाई को प्रदेश के बिजली मन्त्री अनिल विज के ग्रह क्षेत्र अंबाला में जोरदार रोष प्रदर्शन किया जाएगा । इस प्रदर्शन में फरीदाबाद जिले के भी बिजली कर्मचारी भारी संख्या में जुटेंगे । यदि फिर भी सरकार की नींद नहीं खुली तो 29 जुलाई को हरियाणा भर के बिजली कर्मचारी कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे और वहां मुख्यमंत्री के आवास का घेराव कर अपनी गिरफ्तारियां देते हुए जेल भरने का काम करेंगे । इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी ।
इस अवसर पर प्रधान मदनगोपाल शर्मा, सचिव रविदत्त शर्मा, सचिव सत्यवान, प्रधान सोनू गोला मुकेश शर्मा सचिव, मामचन्द, विक्रम सांगवान, सुमेर, राजेन्द्र नेहरा, पंकज खलेरी, सुमेर सिंह, महेन्दर, देवेंदर सैनी, दिगम्बर लाम्बा, कुलदीप डागर, जगदीश चंद, वीरसिंह रावत, चरणसिंह पुनिया, सुरेन्दर तालू, नरेश, धीरसिंह, राजबीर, प्रीतम, विक्रम, प्रेम, मनोज, जितेंदर समेत अनेक बिजली कर्मचारी विरोध प्रदर्शन में उपस्थित रहे।

