फरीदाबाद। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से प्रदेशभर में चलाए जा रहे नशा विरोधी जन-जागरूकता अभियान के तहत तिगांव स्थित राजकीय विद्यालय में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों और पांच से अधिक शिक्षकों ने भाग लेकर नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देश तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद एवं ब्यूरो के पुलिस उप-महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी।

डॉ. वर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक क्षमता, शिक्षा, सामाजिक जीवन, पारिवारिक संबंधों और आर्थिक स्थिति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा, मित्रों के दबाव, गलत संगति या दिखावे के कारण होती है। युवा इसे शुरुआत में मनोरंजन या शौक समझते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत उनके भविष्य को प्रभावित करने लगती है। इसलिए नशे से बचने का सबसे सुरक्षित उपाय इसकी शुरुआत ही नहीं करना है।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि केवल प्रतिबंधित मादक पदार्थ ही नुकसानदायक नहीं हैं, बल्कि तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और हुक्का जैसे पदार्थ भी स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हैं। हुक्का सेवन को लेकर विशेष रूप से आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि इसे मनोरंजन या मित्रों के साथ समय बिताने का साधन समझना युवाओं के लिए घातक हो सकता है।

डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे की लत से व्यक्ति की कार्यक्षमता और एकाग्रता प्रभावित होती है तथा इसका सीधा असर शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं पर पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा पढ़ाई, खेल, कौशल विकास, रोजगार, सामाजिक सेवा और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान किया।

भावनात्मक संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “नशा होता अच्छा तो माँ कहती—खा ले मेरे बच्चा।” उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चों को स्वस्थ, सफल और सुरक्षित देखना चाहते हैं। ऐसे में युवाओं को अपने माता-पिता की उम्मीदों, जीवन के लक्ष्यों और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए नशे से सदैव दूर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर नशे के खिलाफ जनचेतना पैदा करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

डॉ. वर्मा ने बताया कि नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 90508-91508 अथवा राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशामुक्ति का संदेश देने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने भी युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉ. वर्मा ने कहा कि “नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं।” उन्होंने युवाओं से प्रतिबंधित मादक पदार्थों के साथ-साथ हुक्का, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का भी पूर्ण त्याग करने का आह्वान किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About Us

फरीदाबाद दर्शन एक स्वतंत्र हिंदी समाचार पोर्टल है, जो फरीदाबाद व आसपास के क्षेत्रों की ताज़ा, सत्य और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक पहुँचाता है। हमारा उद्देश्य स्थानीय समाचारों को विश्वसनीय और जिम्मेदार तरीके से प्रस्तुत करना है।

Contact

📍 Faridabad, Haryana
📞 Phone: +91 9891990785                                    

© 2026 Faridabad Darshan — All Copyrights Reserved
Made with ❤️ by Divyanshu Ojha (Journalist)